एक बार फिर शनिवार को रात में मौसम बिगड़ गया। रात दो बजे तेज हवाएं चलीं और फिर जिले भर में बूंदाबांदी हुई। इससे बहुत नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को मौसम बिगड़ने से नुकसान हो सकता है।
बीते एक सप्ताह से मौसम सामान्य बना हुआ था, लेकिन शनिवार रात को मौसम ने करवट बदली। अचानक रात को दो बजे तेज गति से हवाएं चलने लगी। हवाओं की गति से आंधी जैसा अहसास हो रहा था। लेकिन कुछ ही देर में हवाओं के साथ ही बूंदाबांदी भी शुरू हो गई।
तेज हवा से खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल पहले बिखर गई तो कई जगह दूसरे खेतों में भी चली गई। वहीं बूंदाबांदी के कारण नमी भी आ गई। इससे रविवार को किसान गेहूं की थ्रेसिंग का काम नहीं करा सके। दिन में भी मौसम का मिजाज बदलता रहा। दिन में धूप खिली तो वहीं शाम को हल्के बादल छाए रहे। धूप के कारण दिन में लोग भी परेशान नजर आए। अधिकतम तापमान जहां 41 डिग्री सेल्सियस रहा तो वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा।
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18 अप्रैल तक छाए रह सकते हैं बादल
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार किसानों की परेशानी अभी बनी रहेगी। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि 18 अप्रैल तक बादल छाए रहने की आशंका है। हालांकि बारिश होने की आशंका कम ही है।