हाईवे पर जांच के दौरान चालक को समझाती पुलिस।
आगरा पुलिस ने हाल ही में मथुरा, जयपुर, ग्वालियर हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ''मीट एंड ग्रीट' अभियान चलाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों और यात्रियों से बातचीत कर उनकी यात्रा संबंधी समस्याओं को समझा। अभियान में सामने आया कि खराब सड़कें, तेज रफ्तार वाहन और रात में रोशनी की कमी यात्रियों के लिए बड़ी चुनौतियां हैं।
डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। टोल प्लाजा पर पुलिसकर्मियों ने वाहनों की जांच की। सवारी वाहनों में बैठे लोगों से दिक्कतें पूछीं। सैंया टोल पर चालकों ने बताया कि आगरा से सैंया तक सड़क अच्छी है लेकिन ग्वालियर की सीमा में प्रवेश करते ही सड़क खराब हो जाती है। इससे समय अधिक लगता है और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।
रायभा टोल पर यात्रियों ने आगरा-जयपुर हाईवे पर फतेहपुर सीकरी, अछनेरा, किरावली और शाहगंज इलाकों में सड़क खराब होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में भीड़ के कारण भी हादसे की आशंका रहती है। यमुना और लखनऊ एक्सप्रेसवे के खंदौली और फतेहाबाद टोल पर भी यात्रियों से पूछताछ की गई। यात्रियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति का पालन नहीं होता। ओवरटेक करते समय दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है।
एक्सप्रेसवे पर रोशनी की कमी
यमुना और लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों ने बताया कि रात के समय इन मार्गों पर उचित रोशनी की व्यवस्था नहीं है। कई इलाकों में वाहनों को अंधेरे में ही गुजरना पड़ता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ जाती हैं। डीसीपी ने आश्वासन दिया कि समस्याओं का समाधान संबंधित प्राधिकरणों से कराया जाएगा। हाईवे से जुड़ी समस्याओं के बारे में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को अवगत कराया जाएगा।
एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए लगातार जांच की जा रही है और चालान भी काटे जा रहे हैं। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और ब्रेथ एनालाइजर से जांच की जा रही है।