आगरा। नगर निगम में एमएनटी निर्माण कार्य के लिए जारी टेंडर में लगाई गई फर्म के अनुभव प्रमाणपत्र की जांच में लापरवाही बरतने पर लिपिक हरिओम को नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने निलंबित कर दिया है। वहीं, अवर अभियंता को कारण बताओ नोटिस भेजा है। फर्म को भी नोटिस भेजकर दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
नगर निगम प्रशासन ने फर्म के अनुभव प्रमाणपत्र की सत्यता की पुष्टि के लिए सभी दस्तावेज जिला पंचायत फर्रुखाबाद भेज दिए हैं। सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद फर्म के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिशासी अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि एमएनटी कार्य के लिए नगर निगम ने टेंडर जारी किया था, जिसमें आगरा की फर्म ए के कंस्ट्रक्शन ने भाग लिया और तकनीकी रूप से पात्र पाई गई।
इसी आधार पर कार्य आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। उन्होंने बताया कि आईजीआरएस से शिकायत प्राप्त होने के बाद ही जांच शुरू की गई है। साथ ही ठेका हथियाने के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अभी तक ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी ही नहीं किया गया है। फिलहाल टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता प्राथमिकता है। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।