फल-सब्जियों और जड़ी-बूटियों के घोल को चमत्कारी दवा बताकर लाइलाज बीमारियों का भी इलाज करने का दावा कर रहे बाबा भुड़कनाथ उर्फ मनोज कुमार यादव के चेलों ने बुधवार को फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की टीम को भी लौटा दिया। टीम बाबा की बूटी का सैंपल लेने के लिए गई थी। इससे पहले सीएमओ की टीम को भी इसी तरह विरोध करके खदेड़ दिया गया था। इससे साफ है कि बाबा को अपनी बूटी की पोल खुल जाने का डर है।
ककरैठा के मंदिर परिसर में बुधवार सुबह 10:30 बजे अभिहीत अधिकारी रामनरेश यादव के नेतृत्व एफडीए की टीम पहुंचते ही बाबा के चेलों में खलबली मच गई। टीम सीधेे वहां पहुंची जहां बूटी तैयार की जा रही थी। टीम ने उस मिश्रण का सैंपल लेने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने विरोध कर दिया।
महिलाओं ने घेर लिया। कहने लगीं कि चाहे इसमें जहर ही क्यों न हो, जब इसे पीने में हमें कोई परेशानी नहीं हो रही है तो तुम्हें क्या मतलब है। इसके साथ ही नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध को देखते हुए टीम लौट गई।
सफाई की हिदायत दी
अभिहीत अधिकारी रामनरेश यादव ने बताया कि वहां गाजर, आम के पत्ते, मूली, नीबू आदि कई तरह से फल और सब्जियां रखीं थी, लेकिन पकाने का तरीका ठीक नहीं था। सफाई व्यवस्था भी नहीं थी। इस पर उन्हें हिदायत दी कि जहां मिश्रण तैयार किया जा रहा है, वहां साफ सफाई का ध्यान रखें।