बीएड की परीक्षा में 50894 छात्रों को हिस्सा लेना था, जिसमें से 48336 छात्रों के परीक्षा फार्म भरवाए गए। इन्होंने परीक्षा शुल्क जमा करने के बाद प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिए। बाकी के 2558 छात्रों के परीक्षा फार्म ही जमा नहीं हुए।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएड परीक्षा से 2558 छात्र वंचित रह गए। ये दलाल के चक्कर में ठगी का शिकार हुए। इनका परीक्षा फार्म भी नहीं भरा जा सका। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र न मिल पाने के बाद ये खुलासा हुआ।
विज्ञापन
बीएड की परीक्षा में 50894 छात्र हैं। इसमें से 48336 छात्रों के परीक्षा फार्म भरवाए गए। इन्होंने परीक्षा शुल्क जमा करने के बाद प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिए। बाकी के 2558 छात्रों के परीक्षा फार्म ही जमा नहीं हुए। ऐसे में इनके प्रवेश पत्र जारी नहीं किए। इनमें अधिकांश दूसरे जिलों के छात्र हैं। ये दलाल के फेर में पड़ गए। इन्होंने छात्रों से प्रवेश और परीक्षा के नाम पर रुपये लिए, लेकिन परीक्षा फार्म नहीं भरवाए।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि बीएड के कुल छात्रों में से करीब ढाई हजार ने परीक्षा फार्म नहीं भरे। इनके प्रवेश पत्र जारी नहीं किए हैं। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष चौधरी रामेश्वर सिंह का कहना है कि प्रवेश के लिए छात्र सीधे कॉलेज संचालकों से संपर्क करें, कई छात्र दलाल के चक्कर में ठगी का शिकार हो रहे हैं।
थाना हरीपर्वत में कर चुके हैं शिकायत
बीएड में प्रवेश लेने वाले जौनपुर, संत कबीरनगर, सुल्तानपुर और प्रयागराज के 25 छात्रों ने शनिवार को थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी की शिकायत की। यहां आए जौनपुर के अनूप कन्नौजिया, पंकज चंद्रा, सोनू कुमार, प्रवेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार, वकील कुमार, प्रयागराज के आलोक सिंह, संत कबीरनगर के सुजीत कुमार, सुल्तानपुर के नीरज, दीपेश कुमार ने एसपी सिटी को बताया था कि जौनपुर के तीन दलालों ने वर्ष 2020-21 के लिए विभिन्न कॉलेजों में प्रवेश दिलाने के नाम पर रुपये लिए। परीक्षा के लिए आए तो यहां दलाल ने पांच-पांच हजार रुपये ले लिए और प्रवेश पत्र भी नहीं मिला। संबंधित कॉलेज गए तो वहां कोई प्रवेश का रिकार्ड भी नहीं मिला।