बीते साल प्राइवेट कालेजों में महज 25-30 फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हुआ, इस साल भी लगभग ऐसे ही हालात बनते जा रहे हैं। शनिवार तक 1.70 लाख रैंक तक की काउंसलिंग हो चुकी है और प्राइवेट कालेजों में महज 8 से 10 फीसदी सीटें ही भरी जा सकी हैं। कई तो ऐसे हैं, जिनमें सीटों का खाता ही नहीं खुला। ऐसे में अधिक से अधिक सीट भरने के लिए कालेज संचालक छात्रों से सौदेबाजी कर रहे हैं। उनको काउंसलिंग में भाग लेने के लिए शुरूआती साढ़े पांच हजार का ड्राफ्ट बनवाकर दे रहे हैं। यहां तक कि फीस में भी 20-30 फीसदी छूट दे रहे हैं। दरअसल, विश्वविद्यालय से करीब 450 निजी कालेज हैं, इनमें 45 हजार सीट हैं। काउंसलिंग 25 जून तक चलनी है।
ड्राफ्ट वापस लेने आ रहे अभ्यर्थी
सरकारी कालेजों में सीट फुल होने पर कई अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग बीच में छोड़ दी। ड्राफ्ट जमा कर दिए हैं, उनको भी वापस लेने आ रहे हैं। खंदारी कैंपस में चल रही बीएड काउंसलिंग के तीनों सेंटर पर ऐसे 11 अभ्यर्थी रहे। प्रभारियों के पूछने पर बताया कि प्राइवेट कालेजों में उगाही ज्यादा होती है।
1148 ने कराया पंजीकरण
शनिवार को 1148 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 1230 शामिल हुए। 15 से 17 जून तक रजिस्ट्रेशन करा चुके अभ्यर्थियों को रविवार को सीट अलाटमेंट हो जाएगी। 20 से 22 जून तक फीस भर सकेंगे। तीसरे चरण की काउंसलिंग सोमवार से होगी, इसमें 170001 से 190000 रैंक के अभ्यर्थी बुलाए गए हैं।