फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजम ने श्रीराम-कृष्ण को बताया अपना आदर्श, बदले में सीएम योगी से ये सवाल

Fri, 06 Oct 2017 07:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
अाजम खां - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां ने गुरुवार को राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर करारा प्रहार किया। कहा कि हमारे आदर्श श्रीराम और कृष्ण हैं। मुगल हमारे आदर्श नहीं। हम बहादुर शाह और टीपू सुल्तान की नस्ल हैं। योगी बताएं कि मोहम्मद साहब उनके आदर्श हैं या नहीं।
विज्ञापन


राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए अखिलेश यादव के नाम पर सहमति व्यक्त करने के बाद वह मोदी-योगी पर जमकर बरसे। चुटकी लेते हुए कहा कि राम रहीम व हनीप्रीत को बादशाहत नर्क में ले गई और देश को मनीप्रीत (नोटबंदी) गर्त में लग गई। 

पीएम मोदी का नाम लिए बिना कहा कि बादशाह तो झूठ नहीं बोलते, फिर देश के बादशाह ने नौजवानों को नौकरी देने का झूठ क्यों बोला। यूपी में सरकार नहीं बल्कि सर्कस है। छह माह में यह तक नहीं बता पाए कि सरकार है भी या नहीं। 
विज्ञापन
Trending Videos

योगी पहले इतिहास पढ़ें

अाजम खां - फोटो : अमर उजाला
आजम खां ने कहा कि योगी पहले इतिहास पढ़ें, संघ की किताब नहीं। तब पता चलेगा कि मुगलों को देश में लेकर कौन आया। हमारे आदर्श महात्मा गांधी हैं, नाथूराम गोडसे नहीं। आजम ने कहा कि मुझ पर देशद्रोही और गद्दारी जैसे आरोप लगते हैं, लेकिन मैं नफरत नहीं फैलाता। 

मैं प्यार का पैगाम देता हूं, बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराता हूं। कहा कि ये वतन हमारा है, यहां ये हमें कोई बेदखल नहीं कर सकता। कहा कि मोदी में यदि हिम्मत है तो मुसलमानों से वोट का अधिकार छीनकर दिखाएं। उसी दिन तुम्हारे हाथ में सत्ता नहीं रहेगी। उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों की आड़ में देश के मुसलमानों के खिलाफ साजिश रचे जाने की आशंका जाहिर की।
विज्ञापन

नहीं रोक सकती सीबीआई

समाजवादी पार्टी - फोटो : अमर उजाला
अाजम खां ने कहा कि आज का सम्मेलन नई मंजिल की शुरुआत है। मुलायम सिंह के अधिवेशन में न आने पर कहा कि अखिलेश यादव का दिल बहुत भारी है। अखिलेश यादव की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि तख्त संभालो। 

सीबीआई का खौफ आपके कदमों को नहीं रोक सकता है। बिहार में लालू प्रसाद यादव इसका उदाहरण हैं, उन्हें इनके नाम से काफी डराया धमकाया गया। मगर वे कमजोर नहीं हुए। इस मौके पर उन्होंने पार्टी स्थापना पर मुलायम सिंह यादव से जुड़ी कुछ यादें भी ताजा कीं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें