आयुष्मान भारत योजना से 93 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें आयुष्मान कार्ड धारक को 5 लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क मिलता है। अब तक 1.21 लाख मरीजों को इसका लाभ मिल चुका है। मोबाइल एप से घर बैठे अपने मोबाइल से भी गोल्डन कार्ड बना सकते हैं।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष्मान योजना 30 अप्रैल 2018 को लागू हुई थी। जिले में 8.91 लाख लाभार्थी हैं और इनमें से 8.67 लाख के कार्ड बन चुके हैं, बाकी के भी कार्ड बनाए जा रहे हैं। योजना में 1.21 लाख मरीजों का निशुल्क इलाज हो चुका है।
इसमें हृदय रोग, कैंसर रोग, हड्डी रोग, प्रसव के लाभार्थी अधिक हैं। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डाॅ. नंदन सिंह ने बताया कि एसएन, जिला अस्पताल, लेडी लायल, सीएचसी समेत 22 सरकारी अस्पताल, एक रेलवे अस्पताल और 70 निजी अस्पताल हैं। इनमें कई सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भी शामिल हैं।
प्ले स्टोर पर आयुष्मान एप डाउनलोड कर लें। आयुष्मान कार्ड बनाना हुआ और भी आसान लिखा आएगा, इस पेज को डाउनलोड कर लें। इसके बाद इसमें मांगी गई जानकारी को चरणबद्ध दर्ज करते जाएं और कार्ड अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा सीएमओ कार्यालय और पंजीकृत अस्पताल में भी बनवा सकते हैं।
ये हैं पात्र
- 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना की सूची में शामिल।
- राशन कार्ड में परिवार के 6 या अधिक सदस्य।
- अंत्योदय कार्डधारक, राशन कार्ड में सभी सदस्यों की उम्र 60 साल से अधिक।
- 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग। आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। पंजीकृत श्रमिक।