अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का भूमि पूजन कराने वाले मुख्य पुरोहित गंगाधर पाठक बृहस्पतिवार को वृंदावन लौट आए। कार्यक्रम को चक्रवर्ती सम्राट के अश्वमेध यज्ञ की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि भूमि पूजन के यजमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे दक्षिणा की पूछते तो वह मथुरा-काशी के साथ गो माता की वध से मुक्ति मांगते।
ब्राह्मण सेवा संघ द्वारा आयोजित स्वागत-सत्कार कार्यक्रम में गंगाधर पाठक ने कहा कि देश में विद्वान लोग बहुत हैं, लेकिन उन्हें इस राष्ट्रीय अनुष्ठान में यह मौका मिला, जो कि उनके किसी पूर्व जन्म का संस्कार रहा होगा। उन्होंने कहा कि राजा, महाराजाओं ने मंदिर तो बहुत बनवाए हैं लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी शासक ने मंदिर की नींव नहीं रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सनातनियों के प्राण हैं और नए भारत की नींव रख रहे हैं। ऐसे चक्रवर्ती सम्राट को दक्षिणा के बारे में पुरोहित से पूछना चाहिए था लेकिन हमारे यजमान ने दक्षिणा के बारे में हमसे नहीं पूछा। हालांकि उन्होंने कहा यदि प्रधानमंत्री उनसे दक्षिणा की पूछते तो वह गो माता को वध से मुक्त करने की दक्षिणा मांगते। वहीं अयोध्या के बाद मथुरा और काशी की मुक्ति की दक्षिणा प्रधानमंत्री से मांगता।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने उन्हें श्रीराम मंदिर के धार्मिक अनुष्ठान का पारिश्रमिक प्रदान किया है, जिसे वे दक्षिणा नहीं मानते हैं। इधर, हरिदास धाम में आयोजित सम्मान समारोह में अविनाश शर्मा, सत्यभान शर्मा, महेश बाबा, अशोक यज्ञ, श्रुतिधर पाठक, सर्वेश तिवारी, जानकी शरण, जगदीश शर्मा, विमल चैतन्य, जगदीश नीलम, रमाकांत शुक्ल, प्रिया शरण आदि ने उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित चंद्रलाल शर्मा और संचालन आनंद बल्लभ गोस्वामी ने किया।