फोटो01राष्ट्रीय मिर्गी दिवस पर जिला अस्पताल में आयेाजित कार्यक्रम में मौजूद सीएमएस डॉ.संजीव स
कासगंज। जिला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ ने राष्ट्रीय मिर्गी दिवस पर सोमवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय में जागरूकता शिविर लगाया। शिविर में मिर्गी की बीमारी और इलाज आदि के बारे में बताया गया और तंत्र-मंत्र के फेर में न आने की सलाह दी गई।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि मानसिक समस्या के लिए जिला सयुंक्त चिकित्सालय मामों के मनकक्ष कमरा नंबर 204 में प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। साथ ही टेली मानस के हेल्पलाइन नंबर 14416 पर भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति परामर्श लिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल विकार है। इससे किसी भी कर्मकांड या टोने-टोटके, भूत-प्रेत बाधा से कोई संबंध नहीं है सिर्फ मनोचिकित्सक से इलाज कराना चाहिए। वरिष्ठ चिकित्सक सीएल यादव ने मानसिक समस्याएं के इलाज के लिए अंधविश्वास के चक्कर में न पड़ने की सलाह दी। डॉ. दीपक राज ने बताया कि बेहोश होना, बोलने में समस्या, भावनाओं में बदलाव, तनाव, बात को समझने में परेशानी, मांसपेशियों में दर्द अचानक खड़े-खड़े गिर जाना, शरीर में झुनझुनी और सनसनी होना आदि मिर्गी के लक्षण हैं। इन सभी लक्षणों का इलाज संभव है। इस दौरान डॉ. श्रृष्टि अवतार, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ.अंशुल, मनकक्ष के काउंसलर अंशुल पचाैरी, अरुण शर्मा आदि मौजूद रहे।