आगरा में डीजल और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ने का असर बाजार पर पड़ा है। खासकर ऑटो मोबाइल की बिक्री में कमी आई है। छोटी कारों और छोटे व्यवसायिक वाहनों की बिक्री एक महीने में 40 से 50 फीसदी तक घट चुकी है।
डीजल और पेट्रोल के मुकाबले इस सेगमेंट में सीएनजी कारों और वाहनों की मांग में इजाफा हुआ है। हालांकि, एसयूवी और महंगी कारों की बिक्री पेट्रो कीमतों से अप्रभावित है।
कार निर्माता कंपनी रेनो के निदेशक आशुतोष बंसल ने बताया कि छोटी कार की बिक्री एक महीने में 40 फीसदी तक कम हुई है। एंट्री लेवल कस्टमर के सामने कार का एवरेज बड़ी बात है।
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जबकि डीजल कारों खासकर एसयूवी पर पेट्रो कीमतों का असर नहीं पड़ा। डीजल कारों का एवरेज भी ज्यादा है, ऐसे में मामूली फर्क के कारण महंगी कारों की बिक्री प्रभावित नहीं हुई।
टाटा मोटर्स की कामर्शियल और पैसेंजर कारों की डीलर डा. रंजना बंसल के मुताबिक डीजल और पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर छोटे वाहन खरीदने वालों पर हुआ है।
छोटे कामर्शियल वाहनों को खरीदने पर महंगे डीजल के कारण परिचालन लागत ज्यादा पड़ रही है। ऐसे में वह अभी इंतजार में है। इन पर कई स्कीम्स और छूट देकर बिक्री बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीएनजी की मांग बढ़ी, पंपों पर लग रही कतार
पैसेंजर कारों की बिक्री पर अभी कोई असर नहीं दिखा है, पर अगर कीमतें बढ़ती रहीं तो सीएनजी कारों की ओर ग्राहक शिफ्ट हो सकते हैं।
डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के कारण सीएनजी वाहनों की बिक्री एक साल से बढ़ी है। इसका असर ये पड़ा है कि सीएनजी पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखती हैं।
ताज ट्रिपेजियम जोन में महज 13 सीएनजी पंप हैं, जिनमें कामर्शियल वाहनों के लिए ही सीएनजी की कमी है। हर पंप पर सीएनजी के लिए कार चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।