अगस्त का आगाज झमाझम बारिश के साथ हुआ। जुलाई में बारिश के सभी पुराने रिकार्ड तोड़ने के बाद मानसून एक्सप्रेस ने अगस्त के पहले ही दिन ताजनगरी के लोगों को जमकर भिगोया। सावन के दूसरे सोमवार को भोले भंडारी का जलाभिषेक करने मेघ भी उमड़ आए और सुबह दो घंटे जोरदार बारिश ने लोगों को तर-बतर कर दिया। दोपहर दो बजे तक रिमझिम बारिश होती रही। दिन भर में 55.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सावन के दूसरे सोमवार को भोले के भक्त शिव मंदिरों की परिक्रमा करते हुए जब पसीने से तरबतर थे, तब सुबह 9:30 बजे बादलों ने उन्हें राहत दी। सुबह दो घंटे जोरदार बारिश हुई, जिससे शहर में कई जगह जलभराव हो गया, लेकिन शिव मंदिरों में पहुंचे भोले भंडारी के भक्तों का कहना था कि अगस्त के पहले ही दिन हुई जोरदार बारिश पूरे महीने के लिए अच्छा संकेत है। दोपहर दो बजे तक रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। उसके बाद शाम पांच बजे फिर तेज बारिश शुरू हुई, हालांकि यह ज्यादा देर नहीं रही, लेकिन आफिस से घर लौटने वालों को जलभराव का सामना करना पड़ गया। बारिश के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी कमी आई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले 24 घंटे बादल और बारिश होने के आसार हैं। मंगलवार शाम तक आगरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
64 साल पहले अगस्त की बारिश रिकार्ड
महज 24 घंटे के अंदर ही 150.1 मिमी ---
अगस्त के महीने में जोरदार बारिश का ऑल टाइम रिकार्ड 20 अगस्त 1952 के नाम दर्ज है, जब महज 24 घंटे के अंदर ही 150.1 मिमी बारिश हो गई थी। अभी तक यह रिकार्ड टूट नहीं पाया है। हालांकि इस साल मानसून ने जिस तरह दस्तक दी है, उसने न केवल जुलाई का रिकार्ड टूटा, बल्कि कई नए रिकार्ड बने भी। ऐसे में अगस्त का यह ऑल टाइम रिकार्ड टूटने की भी संभावना है।
न्यूमेरिक
55.4 मिमी हुई सोमवार को बारिश
28.5 मिमी रहा अधिकतम तापमान
26.2 मिमी पहुंचा न्यूनतम तापमान
9:30 बजे से शुरू हुई बारिश
भारी बारिश से स्मारकों में गिरे पेड़
अकबर का मकबरा, सिकंदरा में भारी बारिश से सोमवार सुबह पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि उस समय आसपास कोई नहीं था। प्रवेश द्वार के ठीक सामने लगा पुराना पेड़ गिरने के साथ अंदर भी कई पेड़ गिरने के कगार पर पहुंच चुके हैं। इसी तरह मरियम का मकबरा, ताजमहल, महताब बाग में भी दर्जनों पेड़ गिरने के कगार पर हैं।