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ड्यूटी के नाम पर रिश्वत का वीडियो वायरल, पीआरडी विभाग में खलबली

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कासगंज। एक दूसरे को धनराशि देते हुए पीआरडी के जवानों का एक वीडियो वायरल हुआ है। तेजी से वायरल होते वीडियो ने विभाग में खलबली मचा दी है। वायरलकर्ता ने सोशल मीडिया पर ड्यूटी के नाम पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है। मामले में सीडीओ ने जांच शुरू कर दी है। पीआरडी कमांडेंट का कहना है कि वीडियो पुराना है और रिश्वतखोरी का आरोप गलत है। वीडियो में जवान स्वयं की ड्रेस के लिए धनराशि एकत्रित कर रहे हैं।
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तेजी के साथ वायरल हो रहे वीडियो में जवान एक दूसरे को धनराशि का लेनदेन कर रहे हैं। आपस में बातचीत भी करते दिखाई दे रहे हैं। जिसमें जवान संकलनकर्ता को धनराशि दे रहे हैं और अपना नाम बता रहे हैं। संकलनकर्ता उनका नाम रजिस्टर में दूसरे जवान से दर्ज करा रहा है। मामले में डीएम सीपी सिंह ने सीडीओ तेज प्रताप मिश्र को जांच कराने के आदेश दिए। सीडीओ ने मामले की जांच कृषि अधिकारी को सौंपी है। इधर सीडीओ ने वीडियो में दिखाई दे रहे पीआरडी जवानों को पूछताछ के लिए तलब किया है।
वायरल वीडियो के कुछ अंश-
- जवान रुपये देते हुए बोल रहा है... मेरे भी चढ़ा देना।
- संकलनकर्ता रुपये लेने के लिए.... हां लाओ।
- दूसरा जवान रुपये देते हुए.... ये लो मेरे भी लो।
- संकलनकर्ता नाम दर्ज कराते हुए.... लिखो प्रमोद कुमार, दलवीर सिंह।
- अन्य जवान नाम दर्ज कराने के लिए... लिखो जवान नंबर 623।
- संकलनकर्ता उन्हें रोकते हुए... जिनके रुपये आ रहे हैं उनके ही चढ़ाए जाएंगे, जल्दबाजी नहीं।
- नामदर्जकर्ता संकलनकर्ता को बताते हुए... जिनके रुपये ले रहे हो उन्हीं के नाम बताना।
- संकलनकर्ता नाम लिखाने के लिए... लिखो लिखो, राजेंद्र के आ गए और देव सिंह के लिखो।
एक नजर-
- 170 पीआरडी जवान हैं जिले में।
- 100 जवान वर्तमान में ड्यूटी पर हैं तैनात।
- 70 जवान ड्यूटी के लिए हैं प्रतीक्षारत।
- मामले की जांच शुरू करा दी है। जिला कृषि अधिकारी पर पीआरडी के कमांडेट का भी प्रभार है। वो ही इस मामले की जांच कर रहे हैं। उनसे कहा गया है कि जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई होगी। - तेज प्रताप मिश्र, सीडीओ।
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- यह वीडियो पुराना है। पूरे वीडियो में ड्यूटी के लिए लेनदेन का जिक्र नहीं हो रहा है। पीआरडी जवानों ने बताया कि वह अपनी ड्रेस के जूतों के लिए रुपये एकत्रित कर रहे थे। जवानों से शपथ पत्र भी मांगे गए हैं। - सुमित चौहान, प्रभारी कमांडेंट, पीआरडी
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