आगरा के सिकंदरा के रुनकता में बृहस्पतिवार को होली खेलने घर से निकली 14 वर्षीय किशोरी को अगवा करके जंगल में दरिंदगी की गई। दुराचार का प्रयास किया गया। उसे बुरी तरह से पीटा, गला घोटकर जान से मारने की कोशिश की गई। आरोपी उसे मरा समझकर छोड़ गए। रातभर किशोरी जंगल में पड़ी रही। शुक्रवार सुबह गांव के युवक ने परिजन को सूचना दी। किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शाम को किशोरी के दोस्त को हिरासत में ले लिया। उसने मारपीट और हत्या के प्रयास की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस उसके साथी की तलाश कर रही है।
जंगल में देखा गया तो किशोरी को घसीटकर ले जाने के निशान दूर तक दिखाई दिए। हाथ, पैर और चेहरे पर घाव थे। गला घोटने की कोशिश की गई थी। गला सूज गया था, वह बोल तक नहीं पा रही थी। झाड़ियों में खून भी पड़ा मिला। पुलिस ने साक्ष्य एकत्रित किए। आंखों से भी खून आ गया था। पुलिस को आशंका है कि दुपट्टे से गला दबाया गया। इससे वो बेहोश हो गई। आरोपी ने समझा होगा मर गई है। इससे छोड़ कर भाग गया। मगर, बाद में किशोरी को होश आ गया। किशोरी का दुपट्टा और चप्पल घटनास्थल पर ही मिल गए हैं।
परिजन की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने शाम को किशोरी के साथ दरिंदगी व हत्या के प्रयास के आरोप में डावली, किरावली निवासी गणेश को गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में बताया कि गांव में रिश्तेदारी है। किशोरी से 4 महीने से दोनों की दोस्ती थी। वह उसे दोस्त के साथ घुमाने ले गया था। हालांकि वह दुराचार की बात नहीं कुबूल रहा है। डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि गणेश अपने दोस्त संतोष के साथ आगरा आया था। गणेश की मोबाइल पर किशोरी से बात हुई। वह किशोरी को बाइक से रुनकता लेकर गया। वहां रेस्टोरेंट में नाश्ता किया। आरोपी का कहना है कि किशोरी को छोड़ने गांव के बाहर तक आया। उससे घर जाने को कहा तो वह तैयार नहीं हुई। साथ चलने की जिद करने लगी। इस पर उसने गुस्से में उसके साथ मारपीट कर दी। किशोरी का सिर पेड़ से टकरा गया। वह गिर पड़ी। इस पर उसने गला दबाकर ईंट से सिर में प्रहार किया। जंगल में डालकर मरा समझकर छोड़ गए। डीसीपी का कहना है कि आरोपी की बातें उलझाने वाली हैं। पुलिस अभी आरोपी की कहानी को सही नहीं मान रही है।