आगरा में श्री पारस अस्पताल के बाहर शिवसेना पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का कर्मचारियों से विवाद हो गया। आरोप है कि कर्मचारियों ने जमकर गुंडई की। शिवसेना जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष सहित अन्य की लात-घूंसों से पिटाई की। सरिया और डंडे भी बरसाए। जिलाध्यक्ष को बेल्ट से बांधकर खींचा। मारपीट में पांच लोग घायल हो गए। इनमें तीन कार्यकर्ताओं के सिर में चोट लगी है।
शिवसेना के जिलाध्यक्ष विनीत वर्मा ने बताया कि रात आठ बजे वो महानगर अध्यक्ष मयंक पाठक और कार्यकर्ताओं के साथ श्री पारस अस्पताल पर आए थे। इस दौरान मीडिया भी मौजूद थी। उन्होंने मीडिया से बात की। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच कुछ कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जानने लगे। तभी अस्पताल के कर्मचारी बाहर आ गए। उन्होंने हमला बोल दिया।
आरोप है कि कर्मचारियों ने कार्यकर्ताओं की पिटाई लगाना शुरू कर दिया। लात-घूंसों से पिटाई लगाई। इस दौरान सरिया और डंडे भी मारे। विनीत वर्मा और मयंक पाठक गाड़ी में बैठे थे। वह कार्यकर्ताओं को बचाने आए। इस पर कर्मचारियों ने उन पर भी हमला बोल दिया। विनीत वर्मा के गले में बेल्ट डालकर खींचा। जिलाध्यक्ष का कहना है कि वह किसी तरह जान बचाकर भागे। घटना से अस्पताल में अफरातफरी मच गई। मीडिया ने हमलावरों के फुटेज भी बनाए। इसके बावजूद कर्मचारी मारपीट करते रहे। उस समय पुलिस भी नहीं थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
जिलाध्यक्ष का कहना है कि थाना न्यू आगरा पहुचंकर पुलिस से शिकायत की। मगर, पुलिस उल्टा उन पर ही आरोप लगाने लगी। पुलिसकर्मियों ने उनके खिलाफ ही मुकदमे की धमकी दे डाली। काफी देर बाद घायल जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष सहित माधव गौतम, विशाल प्रजापति, शिवम प्रजापति को मेडिकल के लिए भेजा।
थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र बालियान का कहना है कि थाना पर तहरीर देने कोई नहीं आया है। कोई घायल भी नहीं पहुंचा।
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