दल के सदस्यों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। इसके बाद हमलावर ट्रक लेकर फरार हो गए। चालक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उसे सिकंदरा स्थित हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। पीटीओ की सूचना पर एत्मादपुर थाने से पुलिस पहुंची मगर तब तक हमलावर भाग चुके थे। इस संबंध में पीटीओ दिनेश कुमार ने गाड़ी के कागजों के आधार पर हमलावरों के विरुद्ध जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा आदि का मुकदमा दर्ज कराया है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
आरटीओ के प्रवर्तन दलों पर हमले की यह नई बात नहीं है। छह माह पहले मलपुरा में खनन माफिया ने ट्रैक्टर पकड़ने पर पीटीओ सहदेव पाल पर हमला किया था। टीम को जान बचाने के लाले पड़ गए थे। इस मामले में आरोपी पक्ष ने भी कोर्ट के माध्यम से आरटीओ की टीम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया था। दो माह पहले पीटीओ राजेश मोहन पर भी हमला किया गया। उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया था।
आरटीओ के प्रवर्तन दल की टीम पर हमला करने वाले ट्रक को आगरा की सीमा से बाहर निकलवाने के लिए पीछे कार से चल रहे थे। दर्ज कराए मुकदमे में ट्रक (यूपी 75एम-3051) और हमलावर कार चालकों की कार (यूपी 75डब्ल्यू-7080) दर्ज कराया गया है।
ट्रक जसवंतनगर, इटावा की प्रीति पत्नी देवेंद्र ने नाम दर्ज है। सिपाहियों ने बताया कि कार सवार हमलावरों ने पूरी टीम को घेरकर फायरिंग शुरू कर दी। अगर टीम के सदस्य नहीं भागते तो किसी भी जान भी जा सकती थी।