आगरा कलक्ट्रेट परिसर में एसएसपी कार्यालय के बाहर बुधवार को वकीलों के दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ। एक पक्ष ने दूसरे का सिर फोड़ दिया। दिनदहाड़े गुंडागर्दी की इस घटना से खफा जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने दोषियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं व रासुका में कार्रवाई के लिए निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा परिसर में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी। आरोपितों को सबक सिखाया जाएगा। चुटैल अधिवक्ता ने डीएम से मुलाकात की। आरोपित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। खून-खराबे की वजह पैसा का लेनदेन माना जा रहा है। दोनों पक्ष कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन पदाधिकारी चैंबर से जुड़े हुए हैं। चुटैल पक्ष पदाधिकारी का जूनियर है, जबकि आरोपित पक्ष पूर्व में बार पदाधिकारी चैंबर का सदस्य रहा है। आरोपित का पिछले दिनों अधिवक्ता पंजीकरण बार कौंसिल ने निरस्त किया था, लेकिन आरोपित निरस्तीकरण के विरोध में उच्च न्यायालय से अपने पक्ष में स्टे ऑर्डर ले आया। जिला निर्वाचन कार्यालय के पास चैंबर है।
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सवाल: फरियादियों का कौन रखवाला ?
कलक्ट्रेट परिसर में हर दिन 150 से 250 फरियादी आते हैं। बुधवार को घटना के समय भी कलक्ट्रेट में फरियादियों की भीड़ थी। सूचना पर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद फरियादियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़ा हो गया है। इस संबंध में डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा, इस तरह की घटना दोबारा न हो इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।