डीएम नवनीत सिंह चहल ने संपत्ति का रिसीवर छाता एसडीएम को नियुक्त किया है। एसडीएम ने धारा 14 (ए) अंतर्गत गिरोह बंद एवं असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत डीएम के आदेश के अनुपालन में अवैध संपत्ति को कब्जे में ले लिया है।
कहां से आई इतनी संपत्ति, होगी जांच : सीओ
सीओ वरुण कुमार सिंह ने बताया कि नसीम चोरी किए वाहनों काटकर बेचने, शाहरुख, वसीम सोने की ईंट के नाम पर ठगी करने पर लोगों से लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा कर गांव छोड़कर फरार हो गए हैं। एसडीएम के साथ पहुंचकर तीनों की कुर्क हुई संपत्ति को गिरोहबंद कर लिया गया है। इतनी संपत्ति कहां से अर्जित की गई है, इस मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संपत्ति की खरीद फरोख्त पर रोक
एसडीएम कमलेश गोयल ने बताया कि ग्रामीणों के बीच पहुंचकर इस संबंध में मुनादी करा दी गई है। जिसमें ऐलान किया गया है कि नसीम, शाहरुख, वसीम के नाम पर मकान, वाहन, कृषि भूमि समेत अन्य वस्तुओं की कोई खरीद फरोख्त नहीं हो सकेगी। तीन माह में यदि आरोपी संपत्ति के बारे में जानकारी नहीं दे पाते हैं तो आगे की कार्रवाई जाएगी।