लोगों की गाढ़ी कमाई खतरे में है। जिले के करीब 250 से ज्यादा एटीएम अब भी पुराने सॉफ्टवेयर पर चल रहे हैं। जिससे इन्हें आसानी से हैक किया जा सकता है। लगभग पांच सालों से इन्हें अपडेट नहीं किया गया है। इसको देखते हुए लीड बैंक ने सभी बैंकों को सॉफ्टवेयर अपडेट कराने के निर्देश जारी करने जा रहा है।
अधिकतर एटीएम अब भी विंडोज 7 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने 14 जनवरी 2020 से विंडोज 7 ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए सपोर्ट देना बंद कर दिया है। कंपनी विंडोज 7 ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए अब किसी भी तरह का सिक्योरिटी अपडेट नहीं देगी।
हालांकि कंपनी ने सिस्टम को मेनस्ट्रीम सपोर्ट देना साल 2015 के शुरुआत में ही बंद कर दिया था। कंपनी ने इसके लिए एक्सटेंड सपोर्ट जारी रखा था। इतना समय मिलने के बाद भी कई बैंकों ने अपने एटीएम को अपडेट नहीं किया। बैंक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कई बैंक एटीएम चलाने के इच्छुक नहीं हैं। एक एटीएम की मेंटिनेंस में बैंक का एक माह में लगभग 40 हजार रुपये तक खर्च आता है।
सात साल पुराने एटीएम बदले जाएंगे
हमने नियम बना लिया है कि जो एटीएम सात साल पुराने हो गए हैं, उन्हें बदला जाएगा। लेकिन, कोरोना के चलते जो माहौल बना हुआ है, उससे इस कार्य में देरी हो गई है। -राजेश कुमार, रीजनल हेड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
सभी बैंकों को साफ्टवेयर अपडेट के लिए सूचित करेंगे
लीड बैंक द्वारा सभी बैंकों को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के लिए सूचित किया जाएगा। पुराने विंडो से एटीएम की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसे दिखवाया जाएगा। -सुरेश राम, अग्रणी जिला प्रबंधक, लीड बैंक
साफ्टवेयर अपडेट करना बहुत जरूरी
सॉफ्टवेयर अपडेट करना बहुत जरूरी है। इससे साइबर फ्रॉड होने का खतरे कम हो जाता है। इसके अलावा नए अपडेट भी लगातार मिलते रहते रहे हैं। विंडो 7 वाले यूजर्स जल्द विंडो 10 अपडेट कर लें। -अमित गर्ग, आइटी एक्सपर्ट