प्रशासनिक अधिकारियों के न पहुंचने की वजह से दूसरे चरण का अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू नहीं हो सका। नगर निगम के अधिकारी पुलिस बल के साथ घंटों इंतजार करते रहे। दोपहर बाद तक जब कोई निर्देश नहीं मिला तो पहले दिन बल्केश्वर क्षेत्र में चलने वाला अभियान स्थगित कर दिया गया। इधर, बुलडोजर को देखते ही दुकानदारों ने अवैध दुकानें खाली कर दीं। वहीं, बहुत से दुकानदारों ने तो अपनी दुकानें स्वयं ही ढहा दीं।
बता दें कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार से बल्केश्वर क्षेत्र में दूसरे चरण का अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू होना था। नगर निगम, प्रशासन और पुलिस का संयुक्त अभियान सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान के नेतृत्व में शुरू होना था। मगर, वह एसएन मेडिकल कॉलेज में हुए विवाद की वजह से बल्केश्वर नहीं पहुंच पाईं। जबकि नगर निगम के अधिकारी दोपहर लगभग 12 बजे ही पुलिस बल के साथ बल्केश्वर चौराहा पर पहुंच गए थे। वे सिटी मजिस्ट्रेट का घंटों इंतजार करते रहे। अपराह्न लगभग तीन बजे तक जब वह नहीं पहुंची, जिसके चलते अभियान नहीं चल सका। वहीं, नगर निगम कर्मचारियों और बुलडोजर को देखते ही बल्केश्वर चौराहा से साईं मंदिर की तरफ पार्क के किनारे बनीं अवैध दुकानें खाली शुरू होनी हो गईं। दोपहर तक लगभग दो दर्जन से अधिक दुकानें खाली हो चुकी थी। अधिकांश दुकानदारों ने शटर आदि भी निकाल लिए। वहीं, कुछ ने खुद ही अवैध निर्माण ढहा दिया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्रित हो गए। वे भी अभियान शुरू होने का इंतजार करने के बाद लौट गए। नगर निगम की तरफ से अभियान के प्रभारी एसपी वार्ष्णेय के अनुसार, अब शनिवार को बल्केश्वर चौराहा से ही अभियान की शुरुआत होगी।
इनसेट
दुकानों पर पहले ही लगाए
जा चुके हैं निशान
अभियान के दौरान जिन अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाना है, नगर निगम के कर्मचारी वहां पहले से ही लाल रंग से क्रास का निशान लगा चुके हैं। इससे कि लोगों में कार्रवाई को लेकर कोई भ्रम की स्थिति न रहे। इसी निशान के आधार पर अधिकांश लोगों ने शुक्रवार को अपनी दुकानें खाली कर ली थीं।