शरद पूर्णिमा के अवसर पर लोगों को दवा देते संत बाबा प्रीतम सिंह
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आगरा में शरद पूर्णिमा पर गुरुद्वारा गुरु के ताल पर प्रसाद के रूप में अस्थमा की दवा वितरण की गई। यहां कई राज्यों से करीब पांच हजार लोग दवा लेने आए। गुरु का प्रसाद समझकर दवा लेकर घर गए।
गुरुद्वारा में जड़ीबूटी से निर्मित दवा को गाय की बनी खीर में मिलाकर दिया गया। इसे रात भर चांद की रोशनी में रखकर अगले दिन सूर्योदय से पहले खाने को कहा गया। उनको परहेज के बारे में भी जानकारी दी गई है।
दवा लेने के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र्र, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य राज्यों से लोग आए। संत बाबा प्रीतम सिंह की अगुवाई में सभी को दवा दी गई। मीडिया प्रभारी मास्टर गुरनाम सिंह ने बताया कि 1971 से संत बाबा साधु सिंह मोनी के समय से दवा का वितरण किया जा रहा है।
दूसरी ओर दरबार हॉल में हजूरी रागी जगतार सिंह और हरजीत सिंह कोमल ने गुरवाणी का गायन किया। ज्ञानी केवल सिंह ने गुरु के इतिहास का वर्णन किया। आयोजन में समन्यवक बंटी ग्रोवर, इंदरजीत सिंह, ग्रंथी टीटू सिंह रहे।