मैनपुरी जनपद के कुरावली थाना क्षेत्र के गांव नानामऊ निवासी असम राइफल्स का जवान रविवार को छत्तीसगढ़ में माओवादियों के हमले में शहीद हो गए। शहादत की खबर सुनते ही गांव में हर आंख नम हो गई। परिजन जवान के पार्थिव शरीर गांव आने का इंतजार कर रहे हैं।
नानामऊ निवासी 52 वर्षीय वीरेंद्र यादव असम राइफल्स में छत्तीसगढ़ के डिबरागढ़ में तैनात थे। रविवार की सुबह वह अपने साथी के साथ पानी का टैंकर भरवा कर ला रहे थे। रास्ते में माओवादियों ने टैंकर पर हमला बोल दिया। गोली लगने से वीरेंद्र यादव शहीद हो गए।
वहीं टैंकर चालक घायल हो गया। छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र के परिवार के लोगों को शहादत की खबर दी। शहीद का बड़ा पुत्र बबली यादव भी असम राइफल्स में अरुणाचल प्रदेश में तैनात है। उनके दो छोटे बेटे तपन चंद्र व दीपक यादव गांव में रहकर खेती करते हैं।
शहादत पर शोक में डूबा गांव
वीरेंद्र की शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची पूरा गांव शोक में डूब गया। ग्रामीणों ने उनके घर पहुंचकर शोक जताया। साथ ही परिजनों को सांत्वना दी। उनके बड़े पुत्र ने परिजनों को बताया कि पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया जाएगा। सोमवार की शाम तक शव के गांव पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।