जसराना तहसील क्षेत्र के गांव नगला केहरी निवासी असम रायफल्स के जवान की अरुणाचल प्रदेश में तैनाती के दौरान हृय गति रुकने से मौत हो गई। जवान का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा तो अंतिम दर्शनों को भीड़ उमड़ पड़ी। सैनिक सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
जसराना के गांव नगला केहरी निवासी नबाब सिंह के पुत्र रजनेश कुमार (56) असम रायफल्स में नायब सूबेदार के पद पर तैनात थे। वर्तमान में उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश के जयरामपुर में थी।
बीस जनवरी को ड्यूटी के दौरान उनको हृदयघात पड़ा। साथी उनको अस्पताल ले गए जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। साथियों ने उनकी मौत की जानकारी परिजनों एवं उच्चाधिकारियों को दी।
सैनिक को श्रद्घांजलि दी
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24 जनवरी को उनका पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा तो लोगों की भीड़ लग गई। साथ आए सैँनिकों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। वहीं सैनिक की मौत की सूचना पर जसराना विधायक रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी, उपजिलाधिकारी जसराना कुमार चंद्र एवं तहसीलदार ब्रहमानंद कठेरिया पहुंचे और सैनिक को श्रद्घांजलि दी। विधायक रामगोपाल उर्फ पप्पू लोधी ने कहा नायब सूबेदार ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हैं।
दो पुत्र असम रायफल्स में हैं तैनात, कर रहे हैं देश की सेवा
नगला केहरी निवासी नायब सूबेदार रजनेश के दो पुत्र पवन कुमार एवं विमल कुमार आसाम रायफल्स में तैनात हैं। जबकि एक पुत्र विपिन कुमार सिरसागंज तहसील में कार्य कर रहे हैं। छोटा बेटा शिवकुमार स्नातक की पढ़ाई कर रहा है।
पत्नी ने की शहीद का दर्जा देने की मांग
नायब सूबेदार रजनेश की पत्नी अर्चना देवी ने कहा कि उनके पति ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हैं। आसम रायफल्स एवं सरकार उनको शहीद का दर्जा प्रदान करें। उन्होंने कहा उनके दो बेटे सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं व अन्य दो बेटे भी देश की सेवा करने के लिए तैयारी कर रहे हैं।