रियो ओलंपिक में हिस्सा लेकर लौटे आगरा के अंकित शर्मा का मंगलवार को भव्य स्वागत किया गया। अंकित ने कहा कि ओलंपिक से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। अगले वर्ष रांची (झारखंड) में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में देश को सोना दिलाना है। वर्ष 2017 में ही लंदन में वर्ल्ड चैंपियनशिप है, इसमें भी पदक जीतना है।
रियो ओलंपिक में अपेक्षित प्रदर्शन न हो पाने का कारण अंकित शर्मा ने वहां के क्लाइमेट को बताया। उनको बताया गया था कि रियो का क्लाइमेट त्रिवेंद्रम (केरल) जितना रहेगा। 12-13 दिन रियो में अभ्यास किया, लेकिन कंपीटीशन से पहले बारिश होने से तापमान बहुत कम हो गया। वह खुद को उसमें ढाल नहीं पाए, बॉडी ठीक से वार्मअप नहीं हो पाई। उनका मानना है कि वह दिन भी भारत का नहीं था। किसी भी भारतीय खिलाड़ी का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा।
अंकित के पिता हरनाथ शर्मा ने कहा कि उनकी मुराद पूरी हो गई। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बेटा ओलंपिक तक पहुंचेगा। अंकित ताज एक्सप्रेस से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा, जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष हरी सिंह यादव, मुरारीलाल गोयल, रीनेश मित्तल, प्रवेश शर्मा और अंकित के गांव पिनाहट के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
स्तरीय कंपीटीशन नहीं मिला
ओलंपियन अंकित शर्मा ने एक होटल में प्रेसवार्ता में बताया कि उनकी तैयारी में कमी नहीं थी। बस एक्सपोजर सही नहीं मिला। साई और सरकार की ओर से प्रशिक्षण दिलाया गया। ओलंपिक स्तर के खिलाड़ियों के साथ कंपीटीशन नहीं मिला। भारत में मोनो ट्रैक पर अभ्यास किया, ओलंपिक में सिंथेटिक ट्रैक मिला। देश के लिए गर्व की बात होनी चाहिए कि 16 वर्ष बाद लांग जंप में किसी खिलाड़ी ने ओलंपिक में उपस्थिति दर्ज कराई।
खिलाड़ियों के लिए संदेश
अंकित शर्मा का उदीयमान खिलाड़ियों के लिए संदेश है कि वह अच्छे कोच के साथ अच्छा प्रशिक्षण प्राप्त करें। कड़ी मेहनत पर सफलता जरूर मिलती है।
पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दी बधाई
कांग्रेस के प्रदेश सचिव समीर चतुर्वेदी ने बताया कि अंकित शर्मा को पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने फोन पर बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन किया।