मेवाती गली शाहगंज निवासी असगर अली की 4 अप्रैल को कार से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पहले हादसे की प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में हादसे की धारा को हत्या में तरमीम किया गया। एक आरोपी रवि यादव के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। पीड़ित परिजन ने हत्या की साजिश में एक जीएसटी अधिकारी, उनके पति नगर निगम के अधिकारी सहित अन्य पर शक जताया था। उनकी संलिप्तता की भी जांच जारी है।
मामले में रवि यादव की ओर से कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए थे। इस पर कोर्ट ने सभी तथ्यों को शामिल करते हुए अग्रिम विवेचना के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने काैरई टोल के फुटेज लेने के लिए कर्मचारियों से संपर्क किया। मगर उनका कहना था कि फुटेज मिल नहीं रहे हैं। सिर्फ टोल से निकलने के दाैरान नंबर प्लेट के ही फुटेज दिए गए हैं। इससे यह नहीं पता चल सका कि कार में और कितने लोग सवार थे।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने फिर से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। एसीपी गाैरव सिंह ने बताया कि घटनास्थल से लेकर हाईवे पर कई जगह पर कैमरे लगे हैं। इन सभी को देखा जा रहा है। जहां भी घटना के दिन के फुटेज मिलेंगे, उन्हें विवेचना में शामिल किया जाएगा।