ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में आरोपी रवि यादव ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में समर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। अब पुलिस बी वारंट पर रिमांड लेकर पूछताछ और वायरल ऑडियो की एआई जांच कराने की तैयारी कर रही है।
ट्रांसपोर्टर असगर अली की हत्या के चर्चित मामले में पुलिस दबिश का दावा करती रही उधर आरोपी रवि यादव मंगलवार को पुलिस की आंखों में धूल झोंककर कोर्ट में पेश हो गया। उसने थाना हरीपर्वत में वर्ष 2019 में दर्ज हुए मामले में जारी गैर जमानती वारंट में कोर्ट में समर्पण कर दिया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। सोशल मीडिया पर उसके फोटो वायरल होने पर पुलिस को खबर लग सकी। अब आरोपी को हत्या में कोर्ट से तलब कराने की बात पुलिस कर रही है।
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4 अप्रैल की रात को ट्रांसपोर्टर असगर अली को कार से कुचल दिया गया था। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। पहले पुलिस ने हादसे की धारा में प्राथमिकी दर्ज की। बेटे डॉ. सजमन ने आरोप लगाया था कि पिता की हत्या की गई है। इसकी साजिश में जीएसटी अधिकारी, उनके पति पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह, रवि यादव, कामरान वारसी शामिल होने का आरोप लगाया था।
पुलिस की जांच में कई तथ्य सामने आए। हादसा करने वाली कार पूर्व में डॉ. अजय के भाई के नाम पर थी। वहीं दुर्घटना के समय रवि यादव की लोकेशन मिल गई। इस पर उसे आरोपी बना दिया गया। वहीं कामरान वारसी की संलिप्तता के सुबूत मिल गए थे। पुलिस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश का दावा कर रही थी। उधर, रवि और कामरान वारसी भी हाईकोर्ट चले गए थे।
मंगलवार को रवि यादव अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट पहुंचा। उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया। उसके खिलाफ वर्ष 2019 में शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, धमकी और 7 सीएलए एक्ट में प्राथमिकी लिखी गई थी। उसे जमानत मिल गई थी। उसके गैर जमानती वारंट चल रहे थे। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश किए। मामले में अगली सुनवाई 27 मई को होगी। डीसीपी सिटी सय्यद अब्बास अली ने बताया कि आरोपी को बी वारंट के आधार पर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
रिमांड पर लेकर कई रहस्यों से उठाएंगे पर्दा
आरोपी रवि यादव की पत्नी ने हाल ही में तीन ऑडियो वायरल किए थे। इसमें एक तरफ उसके पति की आवाज थी। दूसरी तरफ आवाज डॉ. अजय कुमार की आवाज होने का दावा किया गया। डीसीपी सिटी ने बताया कि दोनों की आवाज का सैंपल लिया जाएगा। इसके लिए कोर्ट से अनुमति ली जाएगी। सैंपल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रवि के जेल में जाकर विवेचक बयान दर्ज करेंगे। उसे रिमांड पर भी लिया जा सकता है। उससे हत्या से संबंधित कई साक्ष्य भी जुटाए जाने हैं। डॉ. अजय ने आरोप लगाया था कि वायरल ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। यह एआई से बनाए गए हैं। अगर एआई से बनाए ऑडियो निकलते हैं तो एक और प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। वहीं गाड़ी के पूर्व में मालिक रहे अजय कुमार के भाई अरुण के बारे में भी जानकरी ली जाएगी। यह पता किया जाएगा कि घटना के समय वो माैजूद था या नहीं।
राज्यपाल का काफिला रोकने पर हुई थी प्राथमिकी
ट्रांसपोर्टर हत्याकांड का आरोपी मूल रूप से मैनपुरी और वर्तमान में बरहन के गांव नगला ताल खांडा निवासी रवि यादव पहले सपा छात्रसभा का पदाधिकारी था। 11 अक्तूबर 2019 को तत्कालीन थाना प्रभारी अजय कौशल ने रवि समेत सपा छात्रसभा और एनएसयूआई के 9 पदाधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें सरकारी कार्य में बाधा समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। आरोपियों ने 10 अक्तूबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होकर खंदारी परिसर से लौट रहे तत्कालीन राज्यपाल का काफिला रोकने का प्रयास किया था। काले झंडे दिखाकर अपमानित करने का आरोप लगा था।