पावर कार्पोरेशन के निर्देश पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने ‘आसान किश्त योजना’ शुरू की थी। इसके तहत बिजली बकाएदार आसान किश्तों पर बिल जमा कर सकते थे। उन्हें ब्याज में छूट दी जाएगी।
इस योजना की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर थी। जिसमें विभाग को एक लक्ष्य दिया गया था। लेकिन, पहले पीएफ घोटाले में प्रदर्शन और अब इंटरनेट की बंदी के चलते इस योजना का लक्ष्य पाने से विभाग कोसों दूर रह गया।
मंगलवार को अंतिम दिन है और इस योजना में बहुत कम पंजीकरण हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक डीवीवीएनएल (दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम) में पांच फीसदी से भी कम उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। आगरा जोन प्रथम में छह लाख से ज्यादा और द्वितीय में पांच लाख से ज्यादा का लक्ष्य है। दोनों जोन में एक लाख उपभोक्ताओं ने भी पंजीकरण नहीं कराया है।