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Mulayam Singh Yadav: मुलायम सिंह यादव ने श्रीकृष्ण की नगरी को दी थीं कई सौगातें, होलीगेट पर लगाई थी दौड़

Mon, 10 Oct 2022 07:41 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मुलायम सिंह यादव ने बतौर मुख्यमंत्री गोवर्धन तहसील बनाने की घोषणा की थी। इसके अलावा कोसीकलां में सर्वोदय इंटर कॉलेज एग्रीकल्चर चौमुहां, आईआईटी कोटवन भी शामिल है।
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चौमुहां में सभा को संबोधित करते मुलायम सिंह यादव (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के निधन के बाद मथुरा जिले के लोगों ने उनसे जुड़ी यादों को साझा किया। वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि पढ़ाई के दौरान मुलायम सिंह ने होलीगेट पर दौड़ लगाई थी। सादाबाद दंगल में पहलवानी के लिए भी नेताजी पहुंचे थे। पूर्व मंत्री सरदार सिंह ने बताया कि 1990 में मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में वह खेलकूद, धार्मिक और सांस्कृतिक मंत्री थे। उन्होंने मथुरा में स्वर्गीय मोहन पहलवान स्टेडियम की आधारशिला रखी थी। 

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पूर्व विधायक ठाकुर कुशल पाल सिंह बोले, मुलायम सिंह यादव जमीन से जुडे़ नेता थे। वे अपने कार्यकर्ता का बहुत सम्मान करते थे। वे छात्र रहते मथुरा के होलीगेट पर दौड़ लगाने आए थे, यह बात खुद मुलायम सिंह ने ही बताई थी। पूर्व मंत्री ठाकुर तेजपाल सिंह ने बताया कि 1993 का चुनाव उन्होंने लोकदल टिकट पर विधानसभा चुनाव मुलायम सिंह के नेतृत्व में लड़ा था। 1994-95 में मुख्यमंत्री के तौर पर नेताजी ने कोसीकलां की सभा में मथुरा के लिए 25 करोड़ के कार्यों की घोषणा की थी। 

मथुरा को दी थी ये सौगातें 

इसमें सर्वोदय इंटर कॉलेज एग्रीकल्चर चौमुहां, आईआईटी कोटवन शामिल था। इस सभा में जो लिस्ट उन्होंने मुलायम सिंह यादव को दी, उन सभी की घोषणा उन्होंने कर दी थी। तेजपाल सिंह ने बताया कि एक बार छाता शुगर मिल को बेचने की जानकारी उन्हें मिली तो वे सीधे मुलायम सिंह यादव से जाकर मिले। कहा कि नेताजी छाता मिल नहीं बिकनी चाहिए, वे बोले नहीं बिकेगी, मथुरा जाइए। गोवर्धन तहसील की घोषणा भी उन्हीं के कार्यकाल में हुई थी।

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पूर्व विधायक पंडित हुकमचंद तिवारी ने बताया कि 1962 में मुलायम सिंह मथुरा जनपद का हिस्सा सादाबाद में आयोजित दंगल में पहलवानी के लिए आए थे। इस दंगल की कवरेज के लिए वे भी गए हुए थे। यहां मुलायम सिंह से मुलाकात हुई थी। हालांकि वे दंगल में नहीं उतरे। इसके बाद उनसे राजनीतिक संबंध हो गए। उनका मथुरा आना जाना शुरू हो गया। 

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मुलायम सिंह यादव को साथ लेकर ही मथुरा में यमुना पुल को लेकर उन्होंने कुछ लोगों के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी से मुलाकात की थी। इस काम में सफलता भी मिली। पूर्व विधायक ने कहा कि मुलायम सिंह के साथ ही अब समाजवाद का सूरज डूब गया है। पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में भले ही 80 प्रतिशत संघ के कार्यकर्ता जेल गए फिर भी मुलायम सिंह यादव ने उन्हें लोकतंत्र रक्षक का सम्मान दिया। 
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