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हजारों की भीड़, देशभक्ति के नारे: सैनिक की अंतिम विदाई, 7 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि; तो रो पड़ा पूरा गांव

Thu, 23 Apr 2026 09:29 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए राहुल राणा का गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके 7 वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि दी। गांव में शोक की लहर के बीच उनके नाम पर स्मारक और पार्क बनाने का निर्णय लिया गया है, जबकि परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बलिदानी का फाइल फोटो और विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद राहुल राणा का अंतिम संस्कार ग्राम पंचायत की भूमि पर किया गया। यहां राहुल राणा की मूर्ति की भी स्थापना होगी। पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। मृतक राहुल राणा की भतीजी की 20 अप्रैल को शादी थी। लेकिन छुट्टी न मिल पाने के कारण नहीं आ सका था और इसी बीच यह घटना हुई। 
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राहुल बहुत ही मिलनसार था उसका गांव के लोग भी सम्मान करते थे ड्यूटी से गांव आने पर सबसे पहले सभी अपनों के बीच जाकर कर आशीर्वाद लेता था। राहुल की पत्नी संगीता और दोनों बेटे राहुल 7 वर्ष एवं शिवा 4 वर्ष का रो-रो कर बुरा हाल है पत्नी बेसुध अवस्था में है बच्चे कुछ भी नहीं बोल पा रहे हैं बस पापा कहा गए सवाल कर रहे हैं। राहुल राणा की मौत की खबर के बाद बमरौली कटारा क्षेत्र की सभी दुकानें एवं प्रतिष्ठान शोक में पूरी तरह से बंद रहे। अंतिम संस्कार यात्रा में देश भक्ति गीत बजते रहे राहुल तुम अमर रहे के उद्घोष भी होता रहा।
 

अंतिम संस्कार में उमड़ी हजारों की भीड़, बड़े बेटे राघव ने दी मुखाग्नि
थाना बमरौली कटारा निवासी बलिदानी जवान राहुल उर्फ कान्हा पुत्र गोपीचंद का पार्थिव शरीर बुधवार देर शाम गांव पहुंचा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे राघव ने मुखाग्नि दी। जवान की तैनाती अरुणाचल प्रदेश में थी। अधिकारियों के अनुसार, चार दिन पहले ड्यूटी के दौरान राहुल को सांप ने काट लिया था। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ा।
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बुधवार को अंतिम यात्रा में हजारों लोग उमड़ पड़े। जब तक सूरज चांद रहेगा, राहुल तेरा नाम रहेगा और भारत माता की जय जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। अंतिम संस्कार के दौरान जवान राहुल को मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र राघव (7 वर्ष) ने दी, जिसे देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। मौजूद लोगों ने भी अपने आंसू नहीं रोक सके। इस दौरान नायब तहसीलदार रंजीत रंधावा, थानाध्यक्ष बमरौली कटारा, कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि यशपाल राणा तथा भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया राम नाथ सिकरवार, पूर्व विधायक कालीचरण सुमन, सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। जवान राहुल अपने पीछे पत्नी संगीता चाहर, दो पुत्र-राघव (7 वर्ष) और शिवा (4 वर्ष) को छोड़ गए हैं। वह एक भाई और दो बहनों में सबसे बड़े थे। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
 
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