फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जयपुर में ‘अपनों’ की राह तक रही अरुण माहौर की प्रतिमा

Mon, 30 May 2016 12:54 AM IST
अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
अरुण्‍ा हत्‍याकांड - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
विज्ञापन
राजीव शर्मा
विज्ञापन

 विहिप नेता अरुण माहौर को उनकी हत्या के तीन माह बाद ही बिसरा दिया गया है। वे तथाकथित ‘अपने’, जिनका खून उबल उठा था, अमन और चैन के शहर में सांप्रदायिकता का जहर घुल गया था, सड़क से संसद तक हंगामा बरपाया गया। प्रशासन के आश्वासन पर ही जो अरुण की प्रतिमा का जयपुर में आर्डर तक दे आए। अब यही प्रतिमा पिछले तीन महीने से ‘अपनों’ का इंतजार कर रही है और ऑर्डर देने वाले अब तक लापता हैं।
बता दें कि 25 फरवरी को मंटोला क्षेत्र में हिंदूवादी नेता अरुण माहौर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस पर भाजपा, माहौर समाज सहित तमाम हिंदूवादी संगठनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। कई बड़े प्रदर्शन हुए। कई नेताओं पर सांप्रदायिक भाषण देने पर मुकदमा भी दर्ज हुआ। तब तमाम मांगों के साथ-साथ अरुण माहौर की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग थी। प्रशासन ने इस प्रस्ताव पर सिर्फ आश्वासन दिया था, कोई वादा नहीं किया। इससे पहले माहौर समाज के कुछ अति उत्साहित भाजपा से जुड़े नेता जयपुर में दिल्ली रोड स्थित मूर्ति भवन पर अरुण माहौर की प्रतिमा बनाने का ऑर्डर दे आए। फर्म संचालक ने प्रतिमा बनाने के लिए 15 दिन की मोहलत मांगी थी। पांच हजार रुपये एडवांस देकर ये लोग लौट आए। इसके बाद उन्होंने पलटकर नहीं देखा। प्रतिमा बनने के बाद फर्म संचालक द्वारा फोन पर संपर्क करने पर उन्हें गुमराह करते रहे। स्थिति ये हुई कि इन लोगों ने बाद में अपने फोन ही बंद कर लिए। ऐसे में फर्म संचालक परेशान है। उसकी रकम फंस गई है। वह ऑर्डर देने वालों को तलाश रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


...चंदा हजम करने की कोशिश तो नहीं
अरुण माहौर की प्रतिमा बनाने का ऑर्डर 25 हजार रुपये में दिया गया था। बताया जा रहा है कि यह रकम समाज के लोगों से चंदा करके जुटाई गई थी। समाज को दिखाने के लिए प्रतिमा का ऑर्डर तो दे दिया गया लेकिन बाद में प्रतिमा लेने नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें