मैं भट्ठी के पास दो साथियों के साथ काम कर रहा था। मालिक सहित 3 लोग पास बात कर रहे थे। किसी काम से भट्ठी से उठकर सीढि़यों की तरफ आया तभी गैस लीक हो गई। देखते ही देखते पूरा कारखाना आग का गोला बन गया। उम्मीद नहीं थी कि जान बच पाएगी। किनारी बाजार में चांदी गलाने के कारखाने में विस्फोट में झुलसे अवधूत ने यह मंजर बयां किया।
उनकी आंखों में दहशत साफ नजर आ रही थी। अवधूत का इलाज एसएन मेडिकल काॅलेज में चल रहा है। बृहस्पतिवार को किनारी बाजार में चाैबेजी का फाटक के सामने मार्केट की दूसरी मंजिल पर चल रहे चांदी गलाने के कारखाने में विस्फोट हुआ था। घटना में कारखाना संचालक सुनील पाटिल और कारीगर आदित्य विलास की मौत हो गई थी। चार घायलों का इलाज एसएन मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में चल रहा है।
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विस्फोट में झुलसे अवधूत कारखाने में काम कर रहे थे। उनके हाथ और पैर झुलस गए हैं। हालत में सुधार की वजह से वह बोलने की स्थिति में हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के समय वो राहुल और आदित्य के साथ भट्ठी पर काम कर रहे थे। संचालक सुनील पाटिल, ग्राहक शैलेंद्र वर्मा और मनीष तकरीबन 4 फीट की दूरी पर बैठकर बात कर रहे थे।
अवधूत ने बताया कि आग लगने और विस्फोट होने से सुनील और आदित्य दूर जा गिरे। बाकी चीख रहे थे। वह सीढि़यों की तरफ से भागते नीचे आ गए। चाैबेजी का फाटक पर आकर बैठ गए। बस जान बच गई। फिर पीछे से आदित्य, शैलेंद्र, मनीष और राहुल भी आ गए। वह जल गए थे। उन्हें आसपास के दुकान बाइक और रिक्शे से उपचार के लिए ले गए।
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खुला बाजार, पूरे दिन धमाके की चर्चा
किनारी बाजार के चांदी गलाने के कारखाने में हुई अग्निकांड की घटना के दूसरे शुक्रवार को बाजार खुल गया। मगर, सराफा व्यापारी, कारीगर और दुकानदारों में दहशत नजर आई। धमाके से आसपास की दुकान, शोरूम और इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। व्यापारी इसका आकलन कर रहे थे। हालांकि चांदी कारखानों और प्लांट पर ताला लगा दिखा। लोगों का कहना है कि बाजार में कारखाने संचालित नहीं होने चाहिए।