मोटापा, खराब खानपान और धूप से दूरी के कारण 30-35 की उम्र में भी गठिया और हड्डियों की कमजोरी की समस्या बढ़ रही है। जोड़ों पर लालिमा, दर्द, सूजन और मांसपेशियों में कठोरता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक एसी में ज्यादा समय बिताने वालों में विटामिन-डी की कमी का खतरा बढ़ रहा है। हड्डियों को मजबूत रखने के लिए नियमित धूप, व्यायाम और कैल्शियम-विटामिन-डी युक्त पौष्टिक भोजन जरूरी है।
मोटापा, खराब खानपान और कैल्शियम-विटामिन-डी की कमी से 30-35 की उम्र में गठिया हो रहा है। जोड़ों पर लालिमा और मांसपेशियां कठोर हो रही हैं तो सतर्क हो जाइए, ये गठिया की दस्तक है। दर्द होने के साथ चलने-फिरने पर सूजन आ रही है। लंबे समय बाद दर्द असहनीय होने लगता है। पीठ के निचले हिस्से में दर्द रहना हड्डियों की कमजोरी का संकेत हैं।
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इससे बार-बार फ्रैक्चर होना, हड्डियों-मांसपेशियों में दर्द, चाल में अंतर समेत कई दिक्कत बन रही हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास छोटी उम्र के मरीज भी पहुंच रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्थिति से बचने के लिए चिकित्सक वजन नियंत्रित करने और जोड़ों की व्यायाम करना शुरू कर दें। सुबह की आधा घंटे धूप जरूर लेने के साथ पौष्टिक भोजन की आदत डालने की सलाह दे रहे हैं।
एसी में रहने वालों की हड्डियां ज्यादा कमजोर
लोग धूप में कार्य करने से बचते हैं। बच्चों से लेकर युवाओं में यही सोच है। इससे विटामिन डी की कमी बढ़ रही है। खासतौर से ज्यादातर समय एसी में रहने वाले लोगों में ये परेशानी ज्यादा मिल रही है। ऐसे में वे छह महीने या साल भर में हड्डियों की जांच जरूर करवाएं। डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ अध्यक्ष, आगरा आर्थोपैडिक सोसाइटी