फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साहित्य उत्सव में चमकेगी कला भी

Sat, 16 Jan 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
टीएलएफ (ताज लिटरेचर फेस्टिवल) में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की पेंटिंग प्रदर्शनी लगने जा रही है। इसमें राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कलाकार भी हिस्सा लेंगे। शुक्रवार को प्रदर्शनी के पोस्टर व्हिस्पर ऑफ सोल का विमोचन होटल क्लार्क शिराज के मरियम हॉल में किया गया।
विज्ञापन

 
मुख्य अतिथि एमएफ हुसैन के करीबी दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित उद्यमी आगरा के गुरु स्वरूप श्रीवास्तव ने टीएलएफ के सलाहकार मंडल से जुड़ने की सहमति दी। उनके द्वारा खरीदी गई एमएफ हुसैन की 100 पेंटिंग में से एक टीएलएफ में रिलीज की जाएगी। प्रदर्शनी की आयोजक स्वाति ने बताया कि 26-28 फरवरी तक होने वाले ताज साहित्य उत्सव में पेंटिंग प्रदर्शनी लगेगी। अभी तक कुछ प्रतिष्ठित कलाकारों की पेंटिंग प्रदर्शित करने की अनुमति मिल गई है। इनमें दिल्ली के आरएस शाक्य, तेलंगाना के लक्ष्मण ऐले, दिल्ली के विज्ञान व्रत, उड़ीसा के असित कुमार पाटनिक हैं। कुछ उभरते कलाकारों की पेंटिंग भी प्रदर्शित की जाएंगी। 

टीएलएफ के निदेशक अशोक जैन सीए ने बताया कि टीएलएफ में बॉलीवुड और साहित्य से जुड़े लोग आएंगे। 27-28 को दो नाटक होंगे। 21 फरवरी को मथुरा के राधा कृष्ण ऑडिटोरियम में वहां के साहित्यकारों का कार्यक्रम रखा गया है। सांसद हेमा मालिनी उसमें शिरकत करेंगी। 29 को सूरसदन में ज्योति कथक नृत्य केंद्र द्वारा कथक की प्रस्तुति दी जाएगी। गुरु स्वरूप श्रीवास्तव के सहयोग से शहर के कलाकारों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन


अतुल जैन ने बताया कि उप्र के मुख्यमंत्री के सचिव पार्थसारथी सेन की पुस्तक लव साइड बाय साइड का विमोचन भी साहित्य उत्सव में किया जाएगा।

 गारमेट क्लब की उपाध्यक्ष रेणुका डंग ने कहा कि क्लब द्वारा टीएलएफ में शाही खान पान पर आधारित द लास्ट रेसिपी आफ मुगल्स थ्र्रू किचन आफ आगरा का प्रदर्शन किया जाएगा। डॉ. रंजना बंसल ने कहा कि आज जरूरत कलाकारों को बाजार देने की है। इस दौरान एमपी सिंह, राजेश गोयल, संदेश जैन, संजय तोमर, वत्सला प्रभाकर, मृदुल पाठक सीए आदि मौजूद थे।

समाज के दायरे में हो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
कलाकार को समाज के दायरे में सोचना चाहिए। कुछ दिन पहले आमिर खान का जो बयान आया उससे मैं बिल्कुल सहमत नहीं हूं। मैंने इस पर एफआईआर भी फाइल कराई। भारत देश महिलाओं के लिए ही माना जाता है। कला में स्वतंत्रता जरूरी है पर उसका एक दायरा होता है। कला स्वीकार्य भी होनी चाहिए।

उद्यमी गुरु स्वरूप श्रीवास्तव ने पत्रकार वार्ता में ये बातें कही। गुरु स्वरूप श्रीवास्तव ने कहा कि आगरा की रग रग में कला बसी है। आगरा में कला का बाजार विकसित करने का प्रयास करूंगा। संभव हुआ तो टीएलएफ में इसकी घोषणा करूंगा। उन्होंने कहा कि पेंटिंग को लेकर लोगों की सोच बदली है। अब लोग पेंटिंग करने में गर्व महसूस करते हैं। कला का रूह से रिश्ता है। जब ताज बन रहा था तो कारीगर हाथ से पेंटिंग करते थे। उसे सहमति मिलने पर कार्य आगे बढ़ाते थे। रामचंद्र भगवान ने पत्थर में नाखून से पेंटिंग कर अहिल्या में प्राण डाले थे। रवि शंकर वर्मा ने उसे अपनी पेंटिंग में दर्शाया है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें