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युवाओं के लिए उम्मीद की मशाल बना सेना का यह जवान, देखिए जुनून की हद

Sat, 08 Jul 2017 03:13 PM IST
दिलीप गुप्ता/अमर उजाला फतेहाबाद (आगरा)
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कैंप में प्रशिक्षण लेते युवा और अमित आर्यन (इनसेट) - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में फतेहाबाद के राजकीय डिग्री कालेज का मैदान इन दिनों आर्मी कैंप सा नजर आ रहा है। सुबह-सुबह ही यहां आसपास के गांवों से युवाओं का पहुंचना शुरू हो जाता है और एक सीटी के साथ शुरू होती है इनकी मिलिट्री ट्रेनिंग। इस कैंप के संचालक सेना के ही एक जवान हैं, जो अपनी ड्यूटी के साथ छुट्टी को भी सेना के लिए ही समर्पित किए हैं। उनका यही जज्बा आज फतेहाबाद के युवाओं के लिए उम्मीद की मशाल है। 
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बता दें कि फतेहाबाद के गढ़ी ‌दरियाब निवासी अमित आर्यन पांच साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए। वर्तमान में वे नायक की रैंक पर आर्मी ट्रेनिंग स्कूल में फिजिकल ट्रेनर हैं। अमित बताते हैं कि ट्रेनिंग स्कूल में नए रंगरुट को प्रशिक्षण देने के दौरान उन्हें वे उन सभी बातों की जानकारी हुई जो भारतीय सेना भर्ती के समय एक युवा अभ्यर्थी में खोजती है। इसके बाद उन्हें अपने क्षेत्र के युवाओं को सेना के लिए तैयार करने का ख्याल आया और वे अपना जुनून लेकर निकल पड़े। 

अमित आर्यन के अनुसार सेना की नौकरी युवाओं के लिए हमेशा से ही पसंदीदा रही है। फतेहाबाद क्षेत्र में कई युवा ऐसे हैं जो सेना में भर्ती का जज्बा रखते हैं लेकिन पारिवारिक समस्याओं के चलते हर कोई बेहतर कोचिंग नहीं ले पाता। ऐसे में उन्होंने अपनी छुट्टी के दौरान क्षेत्र के युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर सेना के लिए तैयार करने का बीड़ा उठाया।   
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उनकी पहल पर सेना में भर्ती का सपना देखने वाले कई युवा फतेहाबाद के राजकीय डिग्री कालेज मैदान पर पहुंचने लगे और बीते पांच सालों में यह प्रयास एक फिटनेस कैंप में तब्दील हो गया है। यहां रोजाना सुबह ठीक 5:45 बजे अमित की सीटी बजते ही कैंप की शुरुआत होती है और सुबह 8:30 बजे तक युवाओं को सेना की तैयारी की हर बारीकी समझाई जाती है। शाम को भी कैंप लगता है। खास जोर फिटनेस पर दिया जाता है। 
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अब तक सेना को दिए 125 जवान

कैंप - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला से विशेष बातचीत में अमित आर्यन ने बताया कि फिलहाल वे करीब 500 युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उनके साथ उनके कैंप से ही सेना में चयनित हुए रामनिवास भी जुड़ गए हैं। अमित ने बताया कि जब भी वह छुट्टी पर आते हैं तो पूरा समय क्षेत्र के युवाओं को सेना के लिए तैयार करने में देते हैं। उनके जुनून का ही नतीजा है कि क्षेत्र के करीब 125 युवाओं का चयन सेना में हो चुका है। कैंप से चयनित युवाओं के द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को जूते व ट्रैकसूट दिलवाकर भी मदद की जाती है। इस निशुल्क ट्रेनिंग कैंप में फतेहाबाद की एक सामाजिक संस्था युवाओं को केले और जूस का वितरण भी कर रही है।
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