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एक्सक्लूसिव: अवैध खनन, हत्या के प्रयास के आरोपी को भी शस्त्र लाइसेंस जारी, जांच में सामने आई हकीकत

Fri, 11 Sep 2020 11:24 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

पुलिस की जांच में दो ऐसे मामले सामने आए हैं। इन दोनों मामलों में पुलिस ने लाइसेंस निरस्त किए जाने की रिपोर्ट दे दी है।
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अपराधियों और अक्षम लोगों को भी शस्त्र लाइसेंस जारी कर दिए गए। पुलिस की जांच में दो ऐसे मामले सामने आए हैं। इन दोनों मामलों में पुलिस ने लाइसेंस निरस्त किए जाने की रिपोर्ट दे दी है। लेकिन सवाल यह है कि इन लोगों को लाइसेंस कैसे जारी हो गए। जिस पर चार केस दर्ज थे, थाना पुलिस ने उसकी फाइल सीओ के यहां कैसे भेज दी। इसी तरह जिसकी अंगुली कटी है, वह असलाह चलाने के परीक्षण में कैसे पास कर दिया गया।
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केस-1. रिवॉल्वर चलाने में अक्षम, फिर भी लाइसेंस बना
गणपति प्रसाद शर्मा पुत्र भजनलाल मूल रूप से गांव मस्या, थाना सादाबाद जिला हाथरस निवासी हैं। 2010 में अंजनी विहार, टेढ़ी बगिया के फर्जी पते पर रिवॉल्वर लाइसेंस ले लिया। दाहिने हाथ की तर्जनी अंगुली कटी है। एसएसपी की जांच में फर्जीवाड़ा खुला। अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त एवं राजस्व ने 28 अगस्त को शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया। अब उसके विरुद्ध दफा 25 में मुकदमा दर्ज होगा। 

केस-2.  खनन और हत्या के मुकदमे, कंधे पर रायफल
शिव कुमार पुत्र नत्थीलाल निवासी खेड़िया, थाना इरादतन नगर पर अवैध खनन, हत्या की कोशिश, एसएस-एसटी एक्ट समेत विभन्न थानों में चार मुकदमे दर्ज हैं। फिर भी 2012 में रायफल का लाइेंसस बन गया। एसएसपी की जांच में पता चला कि असलाह के दुरुपयोग की आशंका है। रिपोर्ट पर अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त एवं राजस्व न्यायालय ने 30 अगस्त को लाइसेंस निरस्त कर दिया।
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आठ महीने में मंडल में 78 लाइसेंस निरस्त
इस साल आगरा मंडल में 30 अगस्त तक 78 लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। ये ऐसे लोग हैं जिन्हें लाइसेंस मिलने के बाद इन पर केस दर्ज हुए। पुलिस ने इनकी रिपोर्ट भेजी। इस पर डीएम ने लाइसेंस निरस्त किए। यह रिपोर्ट प्रशासन ने शासन को भेजी है।
 
जनपद लाइसेंस निरस्त मुकदमा निलंबन शस्त्र जमा कराए
आगरा  47635 14 13 07 40
फिरोजाबाद  23779 11 11 11 01
मथुरा 14428 26 26 00 05
मैनपुरी   24546 27 33 27 30

(सभी आंकड़े 30 अगस्त 2020 तक)

इसीलिए करवा रहे हैं जांच

लाइसेंसियों ने तथ्य छुपाकर शस्त्र प्राप्त किए हैं। इनमें कई अपराधी हैं। इनके लाइसेंस कैसे बन गए, इसीलिए जांच करवा रहे हैं। अवैध लाइसेंस निरस्त कर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। - डॉ. प्रभाकांत अवस्थी, एडीएम सिटी और शस्त्र प्रभारी
 
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