बताया कि वादी की ओर से वाद में 13.37 एकड़ की सीमाओं को नहीं खोला गया है। उन्होंने अपनी बहस में यह भी बताया कि जब समझौता ट्रस्ट के साथ हुआ है तो कोई दूसरा व्यक्ति दावा कैसे कर सकता है।
वादी अधिवक्ता ने किया है यह दावा
वादी रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि अदालत में सभी पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। अब छह अप्रैल को अदालत रिवीजन पर निर्णय दे सकती है। अदालत में प्रस्तुत किए गए वाद में हमने दावा किया है कि श्रीकृष्ण जन्म भूमि ट्रस्ट की 13.37 एकड़ जमीन पर ही शाही ईदगाह बनी हुई है।