मांट के राजकीय महाविद्यालय में गृह विज्ञान विभाग की ओर से सेहत की पाठशाला लगाई गई
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अपराजिता मुहिम के तहत बुधवार को मांट के राजकीय महाविद्यालय में गृह विज्ञान विभाग की ओर से सेहत की पाठशाला लगाई गई। इसमें ‘स्वस्थ आहार, जीवन का आधार’ विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई।
इसका शुभारंभ प्राचार्या डॉ. मीनाक्षी वाजपेयी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को बताया कि स्वच्छता सेहत का मूल मंत्र है। स्वस्थ रहने के लिए छात्राओं को सुबह टहलने के साथ ही योगाभ्यास करना चाहिए। इससे वे बीमारियों से बची रहेंगी।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ शारीरिक रूप से दुरुस्त और बीमारी मुक्त होना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास होना चाहिए। शारीरिक स्वास्थ्य बनाने के लिए हर दिन संतुलित आहार जरूरी है। इसमें कैल्सियम और प्रोटीन युक्त भोजन उत्तम होते हैं। हरी सब्जी, दाल, दूध, आदि इसके बेहतर और सुलभ स्रोत हैं। फास्ट फूड से परहेज करें।
मुख्य वक्ता एसआरएम यूनिवर्सिटी के डॉ. सुशील कुमार मिश्रा ने अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पोषक तत्वों से समृद्ध आहार के अलावा पर्याप्त नींद और व्यायाम भी जरूरी है। किशोरियों को समय-समय पर खून की जांच कराते रहना चाहिए।
गृह विज्ञान प्रभारी डॉ. नीलम कुरील ने कहा कि छात्राओं को सुबह टहलना और योगाभ्यास को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। प्राचार्या ने अमर उजाला फाउंडेशन अपराजिता की इस पहल की प्रशंसा की। संचालन डा. दीनदयाल ने किया। इस मौके पर डॉ. सविता गौतम, डॉ. प्रिया मित्तल, डॉ. मुक्ता चतुर्वेदी, डॉ. जीत सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, नेत्रपाल सिंह, राजेश कुमार मौजूद थे।
स्वस्थ रहने के तरीके अपनाएंगे
छात्रा खुशबू अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन में स्वास्थ्य का महत्व और स्वस्थ रहने के बारे में उपयोगी जानकारी मिली है। इस पर अमल करूंगी और अन्य महिलाओं को भी जागरूक करूंगी।
घरवालों से हर बात साझा करूंगी
हेमलता, विनीता, राजकुमारी और जयललिता ने कहा कि शर्म छोड़ कर घरवालों को अपनी पीड़ा के बारे खुल कर बताऊंगी। छात्राओं को बेहतर जानकारी देने वाला यह आयोजन सराहनीय है।