रक्तदान के बाद प्रमाण पत्र दिखातीं युवतियां व महिलाएं।
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अमर उजाला फाउंडेशन और खजानी वेलफेयर सोसायटी द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। 70 से ज्यादा छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।सचिव शिप्रा राठी ने बताया की आज के शिविर की खास बात यह थी कि यह सभी रक्तदाता महिलाएं व युवतियां थीं।
अभी तक मिथ्या थी कि महिलाएं रक्तदान से दूर रहती हैं लेकिन उन्होंने इसको तोड़ते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे सफल बनाया, साथ ही रक्तदान के प्रति जागरूकता भी फैली और यहां से जाकर वह परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस मुहिम से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
जिला अस्पताल से डॉक्टर गीता सिंह, बृजेश कुमारी, पूनम अंजू, निशा त्यागी, सुशीला शर्मा, नेहा, राजकुमार, सुशील, टिंकू व विजय कुमार के मार्गदर्शन में यह समस्त रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।
रक्तदान शिविर में रक्त देती युवती।
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शिल्पी माहेश्वरी ने रक्तदान किया। उसके बाद अंकिता खंडेलवाल, रेखा वर्मा, डोली, आरुषि, भारती कुमारी, रागिनी, रेनू सारस्वत, राधा चौधरी, मोनिका, पूजा, सुमन आदि ने रक्तदान किया। डॉ. शोभा पाठक द्वारा सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
यदि हमारे रक्त से किसी की जान बच जाए तो हमारा रक्तदान करना सफल होगा। मुझे शुरू में रक्तदान से डर लगता था लेकिन रक्तदान करने के बाद ऐसा महसूस हो रहा है कि जैसे मैंने किसी को जिंदगी दे दी हो।
- अंकिता खंडेलवाल
मुझे रक्तदान करने की प्रेरणा अपनी मां से मिली है। उन्होंने मुझे रक्तदान के लिए प्रेरित किया। मैंने पहली दफा रक्तदान किया है। मैं चाहती हूं कि मेरा रक्तदान किसी जरूरतमंद के काम आए।
- राधा चौधरी
रक्तदान करने से किसी भी ऐसे व्यक्ति की जान बच सकती है जिसके शरीर में खून की कमी हो। मैंने पहली दफा रक्त करके इसकी शुरूआत कर दी है। अब मैं वर्ष में करीब एक दफा रक्तदान अवश्य किया करूंगी।- मोनिका सिंह