नौहझील के आर्केडियन पब्लिक स्कूल में अपराजिता के तहत शपथ लेतीं शिक्षिकाएं व छात्राएं
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आज की महिला जागरूक हैं, वह अपने दम पर मंजिल हासिल करने में सक्षम हैं। ये वक्तव्य राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित समासेविका डॉ. लक्ष्मी गौतम ने मंगलवार को यमुना एक्सप्रेसवे के बाजना कट के निकट स्थित आर्केडियन पब्लिक स्कूल में अमर उजाला अपराजिता के तहत ‘वैचारिक परिवर्तन से सुधरेगी नारी की दशा’ विषय पर आयोजित गोष्ठी में व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मी गौतम ने कहा कि परिवार से ही सोच बदलने की जरूरत है। माता-पिता अपने बच्चों को ऐसे संस्कार दें कि बेटा-बेटी एक समान ही समझें। परिवार में बहू को बेटी समझने की जरूरत है।
उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से ही बदलाव संभव है। भेदभाव निश्चित ही खत्म होगा। शिक्षिका शालू अरोरा ने कहा कि आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल रहीं हैं। महिलाओं को कमजोर कहना बिल्कुल गलत है, बल्कि उनको आत्मबल देने की जरूरत है।