पुलिस और पीएसी में चल रही सिपाही भर्ती की शारीरिक मानक परीक्षा (दौड़) में अभी तक मुन्नाभाई ही मुसीबत बने थे, लेकिन अब पुलिस वाले खुद नियम तोड़ने लगे हैं। यह मामला मंगलवार को सामने आया। पुलिसवालों ने अपने रिश्तेदार अभ्यर्थियों की दौड़ दोपहर की धूप से बचाकर सुबह की ठंडक में लगवाई। इसका पता चलने पर नोडल अधिकारी एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार सिंह ने ऐसे सभी पुलिसकर्मियों से जवाब मांगा है।
यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस तरह नियमों की अवहेलना पहले दिन से न की जा रही हो। दरअसल, पुलिस लाइन में दौड़ तीन पालियों में होती है। पहली पाली में सुबह साढ़े पांच बजे बजे से, जब तापमान कम रहता है। ऐसे में दौड़ लगाना आसान होता है। अभ्यर्थियों को पसीना कम आता है। थकावट भी कम होती है। दौड़ कराने के लिए ड्यूटी में लगे पुलिसवाले इसे महसूस भी कर रहे हैं। शायद इसीलिए उनके दिमाग में नियम तोड़ने का आइडिया आया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को चार-पांच पुलिसवालों ने सिफारिश के दम पर अपने रिश्तेदार अभ्यर्थियों की दौड़ पहली पाली में कराई, जबकि उनका नंबर दूसरी और तीसरी पाली में था। ड्यूटी में लगे अन्य पुलिसवालों ने भी उन्हें रोका नहीं। गौरतलब है कि इस बार भर्ती में सबसे अहम भूमिका दौड़ में 200 नंबर की है। इसमें ज्यादा से ज्यादा नंबर पाने के लिए ही तमाम जतन किए जा रहे हैं।
यहीं पकड़े गए सबसे ज्यादा मुन्नाभाई
आगरा। पुलिस भर्ती की दौड़ प्रदेश में 13 केंद्रों पर चल रही है। इनमें सबसे ज्यादा मुन्नाभाई आगरा में ही पकड़े गए हैं। अभी तक 13 की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीन दलाल भी पकड़े जा चुके हैं। इनमें एक बर्खास्त एचसीपी भी शामिल है।
तीन-चार पुलिसकर्मियों ने दोपहर के बजाय सुबह की पाली में अपने परिचित अभ्यर्थियों की दौड़ कराई है। इसकी जानकारी पर सभी से जवाब तलब किया गया है।
- राजेश कुमार सिंह, नोडल अधिकारी