आगरा में जल संस्थान के अवकाश प्राप्त कर्मचारी ने महाप्रबंधक समेत विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। मामले में 30 मार्च को सुनवाई होगी।
पेंशन में संशोधन के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाकर महाप्रबंधक व अन्य के खिलाफ अवकाश प्राप्त कर्मचारी ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। सीजेएम मृत्युंजय श्रीवास्तव ने सुनवाई के लिए 30 मार्च नियत कर दी।
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थाना हरीपर्वत क्षेत्र के मोतिया की बगीची निवासी राजवीर सिंह ने बताया कि 22 मई 1985 में उनकी खलासी के पद पर पहली नियुक्ति हुई थी। 12 जुलाई 1989 को क्लोरीन मेकेनिक के पद पर आईटीआई व दो वेतन मान दर्शाते हुए पदोन्नति हुई। 18 दिसंबर 1999 के आदेश से 20 जून 2012 को भुगतान मिलने पर पता चला कि उनका वेतनमान का निर्धारण गलत हो गया। जिसके बाबत विभागाध्यक्ष को लिखित एवं मौखिक शिकायत की गई।
जलकल विभाग ने नियुक्ति 22 मई 1985 से ना मानकर 18 दिसंबर 1990 से मानकर वेतन मान का निर्धारण किया जो शासनादेश के अनुरूप नहीं था। आरोप है कि जलकल विभाग के महाप्रबंधक अरुणेंद्र राजपूत, मुख्य वित्त लेखाधिकारी नगर निगम ब्रजेश सिंह, सहायक लेखाकार जलकल विभाग गुलशन राज और लेखा परीक्षक नगर निगम ऋषिकेश सहित सभी विपक्षी गण से शिकायत की तो उनसे अवैध धन की मांग की गई।