आगरा। छेड़खानी के मामले में शुक्रवार को भी अदालत में पीड़िता के बयान दर्ज नहीं हो सके। आरोपी बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर ने खुद जिरह करने की अर्जी प्रस्तुत कर दी। सीजेएम शारिब अली ने उसे निरस्त करने के आदेश दिए। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से उसकी पैरवी के लिए अधिवक्ता नियुक्त करा दिया। अब अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
बता दें कि बृहस्पतिवार को भी पीड़िता अदालत में बयान दर्ज कराने आई थी। पूरे बयान नहीं हो पाए, तभी आरोपी जितेंद्र ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस बुला ली। कहने लगा कि उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। उसे कोर्ट से बाहर निकाल दिया गया। जितेंद्र मूलरूप से फिरोजाबाद के शिकोहाबाद का निवासी है। फायरमैन की तैनाती आगरा में थी। वर्ष 2024 में उसके खिलाफ न्यू आगरा स्थित शिक्षण संस्थान की मथुरा निवासी छात्रा ने छेड़खानी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद उसे निलंबित किया गया। उसका तबादला बहराइच हुआ। वहां से सोनभद्र भेजा गया मगर वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। बाद में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया।
वर्दी में कॉकरोच बनकर किया था प्रदर्शन
आठ जून को आरोपी फायरमैन ने दीवानी पहुंचकर वर्दी में कॉकरोच बनकर प्रदर्शन किया था। वह घुटने के बल तारीख पर पहुंचा था। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया। इसके बाद आरोपी ने लखनऊ पहुंचकर अग्निकांड की घटना के बाद अग्निशमन विभाग में बाइक खरीद में घोटाले के आरोप लगाए थे। इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। उस पर कई और बड़े अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप हैं। पीड़ित युवती और उसके पिता के बारे में लगातार आपत्तिजनक बातें लिखकर परेशान करने का भी आरोप है। उसके खिलाफ हाईवे थाने में भी प्राथमिकी दर्ज है।