आगरा के छावनी क्षेत्र में सैन्य उपयोग को छोड़कर बाकी भूमि राज्य को दी जाए। जिसका रखरखाव निकायों से कराया जाए। नागरिक क्षेत्र में सेना का क्या काम। रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में मिले आगरा के प्रतिनिधिमंडल ने ये मांग रखी। रक्षामंत्री ने इस संबंध में जल्द निर्णय का आश्वासन दिया है।
छावनी क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, पूर्व विधायक केशो मेहरा, पूर्व नेशनल चैंबर अध्यक्ष राजीव तिवारी, सदर बाजार और रिहायशी क्षेत्र संगठनों के पदाधिकारियों ने अशोक रोड स्थित रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर मुलाकात की। पूर्व विधायक केशो मेहरा ने बताया कि तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग छावनी क्षेत्र की सैन्य उपयोग की भूमि के अलावा बाकी भूमि को राज्य को स्थानांतरित करने, दुकानों के पुन: आवंटन के लिए फ्रेश लीज प्रक्रिया पर रोक लगाने और छावनी क्षेत्र की 198 एकड़ भूमि के संबंध में सैन्य अधिकारियों को निर्देशित करने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि छावनी की 198 एकड़ भूमि निकाय को स्थानांतरित हो गई है, लेकिन छावनी व रक्षा संपदा के रिकाॅर्ड में भूमि सैन्य क्षेत्र में शामिल है।
उन्होंने कहा 1977 से 2003 तक जिन दुकानों का आवंटन बोली लगाकर होता था उनके संबंध में फ्रेश लीज के आदेश सैन्य अधिकारियों ने किए हैं। ऐसे आदेश से 80 से अधिक लोग प्रभावित हैं। 30-30 साल से दुकानें चला रहे लोग बेरोजगार हो जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल ने फ्रेश लीज पर रोक लगाने और पूर्व की भांति पांच प्रतिशत राशि बढ़ाकर पुन: आवंटन की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में विनय पाटनी, जवाहर डाबर, एससी मित्तल, राजेश गोयल, रजनीश मेहता आदि शामिल रहे।