एनजीओ पिंक बेल्ट मिशन की अपर्णा रजावत
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एनजीओ पिंक बेल्ट मिशन के माध्यम से बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने वाली ताजनगरी की अपर्णा रजावत के जीवन संघर्ष पर हॉलीवुड में फिल्म बन रही है। इसका निर्देशन कर रहे हैं डायरेक्टर जॉन मैकरीट।
भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति को भी फिल्म में दिखाया जाएगा। इसकी शूटिंग लॉस एंजलेस स्थित हॉलीवुड सिटी में हो चुकी है। अप्रैल, 2020 में आगरा और आसपास के जिलों में भी फिल्म का कुछ भाग शूट किया जाएगा।
अपर्णा जूडो-कराटे की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीते। सड़क हादसे के बाद उन्हें यह खेल छोड़ना पड़ा। 2015 में दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद उन्होंने पिंक बेल्ट मिशन की शुरुआत की। इसका मकसद है बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से आत्मरक्षा के लिए तैयार करना।
1.48 लाख बालिकाओं को कर चुकीं प्रशिक्षित
2018 में राजस्थान राज्य महिला आयोग ने उन्हें राज्य के स्कूलों में प्रशिक्षण का जिम्मा दिया। इसके बाद यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने विमेन पॉवर लाइन 1090 के तहत जिम्मेदारी दी।
अपर्णा कहती हैं कि उन्होंने 4,800 ट्रेनर तैयार किए हैं जो स्कूलों में जाकर प्रशिक्षण देते हैं। उनका मिशन अब तक 1.48 लाख बालिकाओं को प्रशिक्षित कर चुका है।
समाज में महिलाओं की स्थिति भी दिखाएगी फिल्म
उन्होंने बताया कि वह काफी समय लंदन में रही हैं। वहां भी पिंक बेल्ट मिशन चलाया। हाल ही में वह अमेरिका गईं। वहां भारतीय दूतावास में सचिव रूपल शाह ने उनकी काफी मदद की।
उनके मिशन के बारे में एक खबर इटली के वेब पोर्टल पर चली। इसे पढ़कर हॉलीवुड डायरेक्टर जॉन मैकरीट ने उनसे संपर्क किया और फिल्म बनाने का प्रस्ताव दिया। इसमें भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति भी दिखाई जाएगी।
खेल में चैंपियन रही हैं अपर्णा
अपर्णा किक बॉक्सिंग में नेशनल चैंपियन रहीं। कनाडा में 2012 में स्टार ऑफ एशिया अवार्ड मिला। समाजसेवा के लिए अमेरिका में अवार्ड मिल चुका है। उनको कराटे में अंतरराष्ट्रीय पदक मिल चुके हैं।
अपर्णा के माता-पिता का स्वर्गवास हो चुका है। उनकी तीन बहनें हैं प्रतिमा, कल्पना और मनीषा। वह कहती हैं कि उनकी सफलता में भांजे सत्यार्थ भदौरिया का बड़ा योगदान है। सत्यार्थ पिंक बेल्ट मिशन के नेशनल हेड भी हैं।