अपने बच्चों को संकट से बचाने के लिए मां हर मुसीबत से लड़ जाती है। कुछ ऐसी ही कहानी है मथुरा के राया कस्बा की रहने वाली योगेश्वरी की। जब दो बेटों को खून से लथपथ देखा तो वो कच्छा बनियानधारी गिरोह से भिड़ गई थीं।
योगेश्वरी कहती हैं कि उस वक्त पता नहीं कहां से इतनी हिम्मत और ताकत आई। बदमाशों को सरिया उठाकर मारना शुरू कर दिया था। जब तक बदमाश भाग नहीं गए वो सरिया से घुमाती ही रहीं। हालांकि वो अपनी बेटी को नहीं बचा पाई थीं।
घटना 14 मई 2016 की है। पाठकनगर निवासी रामदेव फर्नीचर का काम करते हैं। 14 मई की रात को उनके घर पर कच्छा बनियानधारी गिरोह के बदमाशों ने धावा बोल दिया था। रामदेव को एक कमरे में बंद कर दिया, जबकि बेटे कृष्णा और गोपाल को पीटना शुरू कर दिया।