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बेटों की जान खतरे में देख मर्दानी बन गई थीं योगेश्वरी, पढ़िए बहादुर मां की कहानी

Fri, 10 May 2019 11:22 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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बहादुर मां योगेश्वरी
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अपने बच्चों को संकट से बचाने के लिए मां हर मुसीबत से लड़ जाती है। कुछ ऐसी ही कहानी है मथुरा के राया कस्बा की रहने वाली योगेश्वरी की। जब दो बेटों को खून से लथपथ देखा तो वो कच्छा बनियानधारी गिरोह से भिड़ गई थीं। 
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योगेश्वरी कहती हैं कि उस वक्त पता नहीं कहां से इतनी हिम्मत और ताकत आई। बदमाशों को सरिया उठाकर मारना शुरू कर दिया था। जब तक बदमाश भाग नहीं गए वो सरिया से घुमाती ही रहीं। हालांकि वो अपनी बेटी को नहीं बचा पाई थीं।  

घटना 14 मई 2016 की है। पाठकनगर निवासी रामदेव फर्नीचर का काम करते हैं। 14 मई की रात को उनके घर पर कच्छा बनियानधारी गिरोह के बदमाशों ने धावा बोल दिया था। रामदेव को एक कमरे में बंद कर दिया, जबकि बेटे कृष्णा और गोपाल को पीटना शुरू कर दिया। 
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बेटी की हो गई थी मौत

बदमाशों ने बेटी लता को भी पीटा। लता के सिर में गंभीर चोट लग गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई, जबकि कृष्णा और गोपाल लहूलुहान हो गए थे। यह देख योगेश्वरी मर्दानी बन बदमाशों से भिड़ गईं। 

जिस बदमाश ने उन्हें पकड़ रखा था उसे धक्का दिया और आंगन में पड़ी सरिया उठाकर बदमाशों पर हमला बोल दिया। किसी के सिर पर सरिया मारी तो किसी के पैर पर। जो बदमाश परिवार के सदस्यों को बेरहमी के साथ पीट रहे थे कुछ ही देर में उनकी चीखें सुनाई देने लगी थीं।
 
योगेश्वरी ने अपने दोनों बेटों को बचा लिया। इतना ही नहीं जब यह गैंग फरीदाबाद में पकड़ा गया तो पुलिस ने पहचान के लिए उन्हें बुलाया। लोगों ने मना भी किया लेकिन योगेश्वरी ने फरीदाबाद जाकर बदमाशों की पहचान भी की। बेटे कहते हैं कि आज वो सुरक्षित हैं तो अपनी मां के चलते।
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