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अपरा एकादशी पर ठाकुर द्वारिकाधीश के दर्शन पाकर निहाल हुए भक्त

Thu, 30 May 2019 10:09 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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ज्येष्ठ माह की एकादशी पर प्रात: मंगला दर्शन में ठाकुर राजाधिराज का भव्य स्वरूप - फोटो : अमर उजाला
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ज्येष्ठ माह की अपरा एकादशी पर मथुरा नगरी के मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह से ही धार्मिक आयोजन हुए।
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सुबह ठाकुरजी को आकर्षक पोशाक धारण कराई गई। अपने आराध्य ठाकुर द्वारिकाधीश के दर्शन पाकर भक्त भी निहाल हुए। मंदिर प्रांगण ठाकुरजी के जयकारों से गुंजायमान हो गया।

आचार्य श्याम चतुर्वेदी ने बताया कि अपरा एकादशी के व्रत का फल बहुत है। जो शिष्य गुरु से शिक्षा ग्रहण करते हैं फिर भी उनकी निंदा करते हैं वे अवश्य नरक में पड़ते हैं।
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मगर अपरा एकादशी का व्रत करने से वह भी सभी पाप से मुक्त हो जाते हैं।  जो फल तीनों पुष्कर में कार्तिक पूर्णिमा को स्नान करने से या गंगा तट पर पितरों को पिंडदान करने से प्राप्त होता है, वही अपरा एकादशी का व्रत करने से प्राप्त होता है।
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ज्येष्ठ माह की एकादशी पर मंदिर श्रीद्वारिकाधीश में प्रात: दर्शन कर पुण्य कमाते श्रद्घालु - फोटो : अमर उजाला
यह व्रत पापरूपी वृक्ष को काटने के लिए कुल्हाड़ी है। पापरूपी ईंधन को जलाने के लिए अग्नि, पापरूपी अंधकार को मिटाने के लिए सूर्य के समान, मृगों को मारने के लिए सिंह के समान है।

अत: मनुष्य को पापों से डरते हुए इस व्रत को अवश्य करना चाहिए। अपरा एकादशी का व्रत तथा भगवान का पूजन करने से मनुष्य सब पापों से छूटकर विष्णु लोक को जाता है।
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