मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर हमले, घर में घुसने के प्रयास और ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड पर जानलेवा हमले के मामले में सुनवाई हुई। एडीजे प्रथम शिव कुमार की अदालत ने मथुरा निवासी उमेश कुमार शर्मा और विक्रम वाल्मीकि की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
थाना हरीपर्वत में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 28 सितंबर को 15 से 20 लोग मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास के बाहर नारेबाजी कर रहे थे और दीवार पर कालिख पोत रहे थे। दरोगा गौरव कुमार की तहरीर में आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने घर में घुसने का प्रयास किया। विरोध करने पर ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड दिनेश कुमार को धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद उनके सिर पर किसी ठोस वस्तु से प्रहार किया, वह घायल हो गए थे।