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Health News: सॉस, चिप्स, बिस्किट से बच्चों की फूल रही सांस, आठ फीसदी अस्थमा के शिकार; चिकित्सकों ने दी चेतावनी

Sun, 10 May 2026 01:32 PM IST
Arun Parashar अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

प्रिजर्वेटिव फूड (जैम, जेली, अचार, सॉस, चिप्स, बिस्किट, नमकीन, पैकेटबंद जूस) समेत कई खाद्य सामग्री में पाए जाने वाले रासायनिक तत्व और एंटीबायोटिक दवाओं की ओवरडोज से एलर्जी बढ़ रही है। बच्चों में 7-8 फीसदी में अस्थमा की दिक्कत बन रही है। 
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कार्यशाला में माैजूद चिकित्सक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सामान्य परेशानी में एंटीबायोटिक दवा का इस्तेमाल और डिब्बा बंद भोजन के बढ़ते चलन से बच्चों को एलर्जी हो रही है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति से बच्चे अस्थमा से पीड़ित हो रहे हैं। एमजी रोड स्थित होटल में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक (आईएपी) की एलरकॉन-2026 कार्यशाला में डॉक्टरों ने इस पर चिंता जताई।
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आईएपी एलर्जी एंड एप्लाइड इम्युनोलॉजी की राष्ट्रीय सचिव डॉ. सौम्या नागराजन ने बताया कि 20-25 फीसदी बच्चों में त्वचा, पेट रोग और फूड एलर्जी मिल रही है। ऐसे बच्चों में 7-8 फीसदी में अस्थमा की दिक्कत बन रही है। बीते 8-10 साल में प्रिजर्वेटिव फूड (जैम, जेली, अचार, सॉस, चिप्स, बिस्किट, नमकीन, पैकेटबंद जूस) समेत कई खाद्य सामग्री में पाए जाने वाले रासायनिक तत्व और एंटीबायोटिक दवाओं की ओवरडोज से एलर्जी बढ़ रही है।

 

चेन्नई की डॉ. नर्मदा ने बताया कि घर में झाडू लगाने, पर्दे, तकिया, गद्दे, सोफा, चादर, कालीन की धूल (डस्ट माइट), पालतू जानवरों के बाल-रूसी से भी एलर्जी हो रही है। इससे बार-बार छींक, नाक बहना, खुजली समेत अन्य परेशानी हो रही है। नई दिल्ली के डॉ. नीरज गुप्ता ने बताया कि वाहनों-कारखानों का धुआं, निर्माण के चलते धूल और परागकणों से सांस नलिकाएं संकुचित होकर संक्रमित होती हैं। इससे अस्थमा-एलर्जी बन रही है।

 

ये भी रहे उपस्थित
कार्यशाला के उद्घाटन में मुख्य अतिथि डॉ. एच. परमेश, आयोजन सचिव डॉ. आरएन द्विवेदी, सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया, आईएपी अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ. अरुण जैन, डॉ. प्रदीप चावला, डॉ. राकेश भाटिया, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. नीरज यादव, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. शिवप्रताप सिंह, डॉ. राजीव कृषक, डॉ. सोनिया भट्ट, डॉ. अतुल बंसल, डॉ. अश्वनी यादव, डॉ. अभिषेक गुप्ता आदि मौजूद रहे।

 
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इन बातों का रखें ध्यान
- घर में झाडू के बजाय पोछा लगाएं।
- सफाई के लिए वैक्यूम का उपयोग करें।
- चादर-पर्दा, सोफे से धूल साफ करते समय मास्क लगाएं।
- पालतू जानवर को बेडरूम से दूर रखें।
- धूल-धुआं से बचें, प्रदूषित क्षेत्रों में जाने से पहले मास्क लगाएं।

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