अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा जिस रास्ते से गुजरेंगे, वहां जमीन के अंदर भी सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। झारखंड से आ रही एंटी माइंस टीमें एयरपोर्ट से लेकर ताज तक के रूट को चेक करेंगी। सुरक्षा का त्रिस्तरीय खाका लगभग तैयार हो चुका है। सुरक्षा इंतजाम की कमान एडीजी (कानून व्यवस्था) के हाथ में रहेगी। ताज पर ड्रोन कैमरे से भी निगरानी होगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति 27 जनवरी को ताजमहल का दीदार करने आएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत जनवरी के प्रथम सप्ताह से ही तैयारियां शुरू हो गई हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ओबामा की सुरक्षा को तीन हिस्सों में बांटा गया है। खेरिया हवाई अड्डा, ताजमहल और हवाई अड्डे से ताजमहल तक जाने का सड़क मार्ग। फ्लीट गुजरने वाले सड़क मार्ग को तीन जोन और नौ सेक्टरों में बांटा गया है। रूटों पर सुरक्षा की कमान एएसपी संभालेंगे। पुलिस, पीएसी के साथ दस कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान भी सुरक्षा में लगाए जाएंगे।
सड़क मार्ग का निरीक्षण विशेष तौर से प्रशिक्षित एंटी माइंस टीमें करेंगी। पूरे रास्ते में एंटी सेबोटाज और बम डिस्पोजल स्क्वॉयड और स्निफर डॉग्स भ्रमण करते रहेंगे। बीडीएस की टीमें कई जिलों से बुलाई गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के आगरा में ठहराव के दौरान मिश्रित आबादी वाले और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर भी अतिरिक्त फोर्स तैनात रहेगी।
मंगलवार को आईजी जोन सुनील कुमार गुप्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ताजमहल के मुख्य द्वारों की सुरक्षा का जायजा लिया। इस दौैरान डीआईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम पंकज कुमार, एडीए वीसी मनीषा त्रिघाटिया उनके साथ रहे।