आगरा के बाह के अभयपुरा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता राजकुमार और लाइनमैन आनंद मिश्रा को बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन की टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। उन्होंने ग्रामीण के घर पर चेकिंग की थी। बिजली चोरी का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराने का डर दिखाया। कार्रवाई से बचाने के लिए रिश्वत मांगी। ग्रामीण की शिकायत पर टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों को पकड़ लिया। मामले में थाना बमराैली कटारा में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
एंटी करप्शन आगरा यूनिट के निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि गांव मढ़ेपुरा, अभयपुरा निवासी संदीप ने 1 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई। कहा कि 31 अगस्त को बिजली विभाग की टीम ने घर पर चेकिंग की। उनका पुराना बिजली कनेक्शन है। मगर टीम ने बिजली चोरी से जलाने का आरोप लगाया। कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। टीम विद्युत केंद्र चली गई। वह जेई के कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। उसने इतनी रकम न होने की बात कही। इस पर 15 हजार रुपये देने की बात तय हो गई।
पीड़ित ने 1 सितंबर को एंटी करप्शन में शिकायत की। इस पर टीम ने जाल बिछाया। संदीप को विद्युत उपकेंद्र में बुलाया गया था। इस दाैरान टीम भी पहुंच गई। जेई और लाइनमैन बगल में बैठे हुए थे। जेई ने खुद रकम नहीं ली बल्कि लाइनमैन को दिला दिया। रकम हाथ में पकड़ते ही आरोपियों को पकड़ लिया। उनके बमराैली कटारा थाने ले आए। मामले में संजय कुमार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज कराई। कार्रवाई से बिजली कर्मचारियों में चर्चाओं का दाैर शुरू हो गया है।